[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

जाचास स्कूल छत मरम्मत में घटिया सामग्री का आरोप:13.23 लाख के कार्य पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, शिकायत के बाद अधिकारियों ने दिए सुधार के निर्देश


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़धोदराजस्थानराज्यसीकर

जाचास स्कूल छत मरम्मत में घटिया सामग्री का आरोप:13.23 लाख के कार्य पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, शिकायत के बाद अधिकारियों ने दिए सुधार के निर्देश

जाचास स्कूल छत मरम्मत में घटिया सामग्री का आरोप:13.23 लाख के कार्य पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल, शिकायत के बाद अधिकारियों ने दिए सुधार के निर्देश

धोद : धोद के जाचास गांव स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में भवन मरम्मत कार्य की गुणवत्ता पर ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। राज्य बजट 2025-26 के तहत स्कूल में मेजर रिपेयर वर्क के लिए 13.23 लाख रुपए स्वीकृत किए गए थे। इस कार्य का टेंडर ईको ग्रीन इंफ्रा प्रोजेक्ट्स फर्म को 10.12 लाख रुपए की लागत से दिया गया है। स्वीकृत कार्यों में पुराने सीमेंट कंक्रीट को हटाना, ईंटों की चिनाई, आरसीसी कंक्रीट कार्य, सरिया लगाना, पीसीसी कार्य, कोटा स्टोन फर्श, सीढ़ियों की मरम्मत, प्लास्टर, अंदर-बाहर पेंटिंग, पाइप फिटिंग, और छत की मरम्मत और वाटर प्रूफिंग शामिल हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि छत मरम्मत कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है और घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग हो रहा है। उन्होंने बताया कि छत पर मिट्टी के अंदर टाइलों के टुकड़े डाले जा रहे थे, जिस पर उन्होंने आपत्ति दर्ज कराई। ग्रामीणों का कहना है कि लाखों रुपए के इस कार्य में गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं है। रविवार को ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की मांग करते हुए अपनी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना है कि इस कार्य को लेकर पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन कोई अपेक्षित सुधार नहीं हुआ।

वहीं पूर्व सरपंच ने भी निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि तय मापदंड के अनुसार सामग्री का उपयोग नहीं किया गया। उन्होंने छत में सरिये के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए और बताया कि बारिश के दौरान पानी टपकने की समस्या सामने आ रही है।

मामले में SAMSA के एक्सईएन श्योराम ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर जानकारी ली गई। ग्रामीणों की ओर से कार्य में लापरवाही की शिकायत मिली थी। उन्होंने बताया कि छत पर मिट्टी में डाले गए टाइलों के टुकड़ों को हटाकर सही तरीके से कार्य करने के निर्देश ईको ग्रीन इंफ्रा प्रोजेक्ट फर्म को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि भविष्य में दोबारा शिकायत मिलने पर संबंधित फर्म के खिलाफ ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles