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बेटे का माथा छूकर मां-पत्नी ने दुलार किया:परिजन सहारा देकर पार्थिव देह तक लाए; हादसे में गई थी कॉन्स्टेबल की जान


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बेटे का माथा छूकर मां-पत्नी ने दुलार किया:परिजन सहारा देकर पार्थिव देह तक लाए; हादसे में गई थी कॉन्स्टेबल की जान

बेटे का माथा छूकर मां-पत्नी ने दुलार किया:परिजन सहारा देकर पार्थिव देह तक लाए; हादसे में गई थी कॉन्स्टेबल की जान

झुंझुनूं : सड़क हादसे में जान गंवाने वाले झुंझुनूं एसपी कार्यालय में तैनात कांस्टेबल विकास झाझड़िया का गुरुवार को उनके पैतृक गांव गोवला में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इस हृदयविदारक दृश्य ने वहां मौजूद हर शख्स की आंखों को नम कर दिया, जब विकास के 10 साल के मासूम बेटे ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।

मां और पत्नी लिपट कर रो पड़ी

​दोपहर करीब 12 बजे जैसे ही पुलिस वाहन में कांस्टेबल विकास की पार्थिव देह उनके गांव गोवला पहुंची, घर में कोहराम मच गया। मां किताब देवी का अपने बेटे के पार्थिव शरीर को देखकर कलेजा फट गया। उन्होंने जब बेटे के चेहरे को अंतिम बार छुआ, तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें छलक पड़ीं। पुलिस विभाग में तैनात पत्नी अनिता का रो-रोकर बुरा हाल था। वह पति के शरीर से लिपटकर बिलख पड़ीं। परिवार का यह दुख देख वहां मौजूद पुलिस अधिकारी और ग्रामीण भी अपने आंसू नहीं रोक सके।

​गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी अंतिम विदाई

​विकास की अंतिम यात्रा में पुलिस विभाग के आला अधिकारियों सहित भारी संख्या में जवान मौजूद रहे। पुलिस की टुकड़ी ने अपने साथी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर अंतिम सलामी दी। तिरंगे में लिपटे कांस्टेबल विकास को जब अंतिम विदाई दी जा रही थी, तब पुलिस के जवान भी गमगीन थे।

कांस्टेबल विकास झाझरिया का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया तो गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
कांस्टेबल विकास झाझरिया का पार्थिव शरीर उनके गांव लाया गया तो गांव में शोक की लहर दौड़ पड़ी।
अंतिम विदाई में आखिरी वक्त उनकी बीवी और माता ने उनके सर को छुआ और दुलार किया।
कांस्टेबल विकास को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
कांस्टेबल विकास को गार्ड ऑफ ऑनर दिया।

​अंतिम संस्कार में पहुंचे आला अधिकारी

​कांस्टेबल विकास को अंतिम विदाई देने के लिए झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सिंह सागर, एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत, डीएसपी गोपाल ढाका और हरिसिंह घायल सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में साथी जवान मौजूद रहे। अधिकारियों ने परिवार को ढांढस बंधाया और इस कठिन घड़ी में उन्हें हिम्मत रखने का संबल दिया।

पूरा परिवार पुलिस सेवा से जुड़ा

​2012-13 बैच के सिपाही विकास झाझड़िया न केवल एक बेहतरीन पुलिसकर्मी थे, बल्कि एक समर्पित पारिवारिक व्यक्ति भी थे। उनका पूरा परिवार पुलिस सेवा से जुड़ा है। बुधवार रात ड्यूटी से लौटते समय हुए सड़क हादसे ने न केवल एक पुलिसकर्मी को छीना, बल्कि एक परिवार का सहारा और बच्चों के सिर से पिता का साया भी छीन लिया। ​गांव की गलियों में जब तक विकास की अंतिम यात्रा गुजरी, हर कोई बस यही कहता सुनाई दिया कि एक होनहार सिपाही और अच्छा इंसान दुनिया छोड़कर चला गया।

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