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मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:बोले- शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को समाप्त करें; 25 अगस्त को आंदोलन की दी चेतावनी


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मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:बोले- शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को समाप्त करें; 25 अगस्त को आंदोलन की दी चेतावनी

मांगों को लेकर शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन:बोले- शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता को समाप्त करें; 25 अगस्त को आंदोलन की दी चेतावनी

झुंझुनूं : विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) की झुंझुनूं शाखा के बैनर तले शिक्षकों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद शिक्षकों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के शिक्षा मंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 25 अगस्त को निदेशालय पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन, सरकार पर लगाया अनदेखी का आरोप

राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रांतीय अध्यक्ष नरेंद्र झाझड़िया ने कहा कि संगठन लंबे समय से शिक्षकों की मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन सरकार ने अब तक कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षकों के साथ अन्याय कर रही है, जिसके कारण शिक्षकों को सड़कों पर उतरना पड़ रहा है।

शिक्षकों को नहीं मिले लाभ

नरेंद्र झाझड़िया ने कहा कि पांच-छह महीने पहले सेवानिवृत्त हो चुके शिक्षकों को अब तक सेवानिवृत्ति लाभ नहीं मिले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अन्य कैडर के शिक्षकों के स्थानांतरण कर रही है, लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण नहीं किए जा रहे हैं।

TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग

शिक्षक संघ ने 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की है। संघ का कहना है कि किसी भी नियम को पूर्व तिथि से लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है।

स्थानांतरण नीति और पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने की मांग

शिक्षकों ने स्थानांतरण प्रक्रिया पर लगी रोक हटाने, लंबे समय से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया शुरू करने और स्थायी व पारदर्शी स्थानांतरण नीति लागू करने की मांग की है। इसके साथ ही ‘पे प्रोटेक्शन’ के नाम पर हो रही वित्तीय वसूली पर रोक लगाने की भी मांग की गई।

स्कूलों में संसाधन बढ़ाने और बकाया भुगतान की मांग

संघ ने स्कूलों में स्टूडेंट्स की संख्या के अनुपात में स्टाफ, बिजली-पानी और पर्याप्त कमरों की व्यवस्था करने की मांग की है। साथ ही शैक्षणिक कैलेंडर को व्यावहारिक बनाने, ग्रीष्मकालीन अवकाश पूर्ववत रखने और नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू करने की मांग भी उठाई। शिक्षकों ने स्टूडेंट्स के ट्रांसपोर्ट वाउचर का डेढ़ साल से लंबित भुगतान जारी करने, हर स्कूल में नियमित सफाई कर्मचारी लगाने और 1 अप्रैल 2026 तक सभी लंबित डीपीसी प्रक्रिया पूरी करने की मांग की है।

25 अगस्त को निदेशालय पर आंदोलन की चेतावनी

शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो 25 अगस्त को निदेशालय पर रैली और धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर बड़े आंदोलन और दिल्ली कूच जैसे कदम भी उठाए जा सकते हैं।

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