बीएसएफ जवान प्रदीप सिंह को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई, पूरे गांव की आंखें हुईं नम
बीएसएफ जवान प्रदीप सिंह को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई, पूरे गांव की आंखें हुईं नम
झुंझुनूं : जिले के डाबड़ी धीर सिंह गांव के वीर सपूत एवं सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान प्रदीप सिंह को सोमवार को सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। गांव में जैसे ही जवान का पार्थिव शरीर पहुंचा, माहौल गमगीन हो गया। परिजनों की चीत्कार और ग्रामीणों की नम आंखों ने हर किसी को भावुक कर दिया। अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और अपने वीर सपूत को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए अंतिम विदाई दी।
प्रदीप सिंह बीएसएफ की 133वीं बटालियन में कार्यरत थे तथा वर्तमान में उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में थी। वे कुछ दिनों की छुट्टी लेकर अपने पैतृक गांव आए हुए थे। इसी दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई। जांच में उन्हें डेंगू बुखार होने की पुष्टि हुई। हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर के मणिपाल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें बचाने के भरसक प्रयास किए, लेकिन उपचार के दौरान उनका निधन हो गया।

प्रदीप सिंह करीब तीन वर्ष पूर्व बीएसएफ में भर्ती हुए थे। कम समय में ही उन्होंने अपनी मेहनत, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा से अधिकारियों और साथियों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। देश की सुरक्षा के लिए समर्पित प्रदीप सिंह का असमय निधन पूरे क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
जवान का पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, अंतिम दर्शन के लिए लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। ग्रामीणों ने भारत माता की जय, वंदे मातरम् और प्रदीप सिंह अमर रहें के नारों के साथ अपने वीर जवान को श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में युवाओं, बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। पूरे गांव में शोक का माहौल बना रहा।

अंतिम संस्कार के दौरान बीएसएफ की 29वीं बटालियन की टुकड़ी ने जवान को सैन्य सम्मान प्रदान किया। जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर देते हुए सलामी दी और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान को नमन किया। इस दौरान मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं। इंस्पेक्टर बंशीलाल ने जवान के पिता रामसिंह को राष्ट्रीय ध्वज सौंपते हुए गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि प्रदीप सिंह ने देश सेवा के माध्यम से अपने परिवार, गांव और पूरे जिले का नाम गौरवान्वित किया है।
इस अवसर पर मंडावा विधायक रीटा चौधरी, पूर्व सांसद नरेंद्र कुमार खीचड़, सरपंच प्रतिनिधि विनोद कुमार, पूर्व सरपंच सुरेंद्र सिंह सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने जवान के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।

प्रदीप सिंह के पिता रामसिंह खेती-किसानी का कार्य करते हैं। तीन भाइयों में प्रदीप सबसे बड़े थे और परिवार की अनेक जिम्मेदारियां उनके कंधों पर थीं। उनके असामयिक निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। माता-पिता, भाई-बहनों और अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

ग्रामीणों ने कहा कि प्रदीप सिंह हमेशा मिलनसार, मेहनती और देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत रहते थे। उन्होंने युवाओं को सेना और अर्द्धसैनिक बलों में भर्ती होकर राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित किया। गांव के लोगों ने कहा कि प्रदीप सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी।
अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देते हुए पूरे गांव ने एक स्वर में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। सैनिक सम्मान के साथ हुए अंतिम संस्कार ने हर किसी को गर्व और गम की भावनाओं से भर दिया।
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