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गायत्री जयंती पर नवलगढ़ में गूंजे गायत्री मंत्र, पंचकुण्डीय महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ 80 साधकों का हुआ सम्मान


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गायत्री जयंती पर नवलगढ़ में गूंजे गायत्री मंत्र, पंचकुण्डीय महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ 80 साधकों का हुआ सम्मान

गायत्री जयंती पर नवलगढ़ में गूंजे गायत्री मंत्र, पंचकुण्डीय महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ 80 साधकों का हुआ सम्मान

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : शैलेंद्र पारीक ​

नवलगढ़ : अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज हरिद्वार के तत्वावधान में एवं गायत्री परिवार नवलगढ़ के संकल्प से आयोजित 24,000 गायत्री चालीसा पाठ अनुष्ठान की पूर्णाहुति गायत्री जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सम्पन्न हुई। गायत्री शक्तिपीठ नवलगढ़ में आयोजित भव्य पंचकुण्डीय गायत्री महायज्ञ में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया।

महायज्ञ के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ भगवान को आहुतियां अर्पित कर सद्बुद्धि, आत्मकल्याण, राष्ट्रोत्थान एवं विश्व कल्याण की कामना की। पूरे परिसर में गायत्री महामंत्र की गूंज और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण बना रहा।

इस अवसर पर 108 बार गायत्री चालीसा पाठ अनुष्ठान पूर्ण करने वाले करीब 80 साधकों का माला पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।

महायज्ञ के मुख्य आचार्य एडवोकेट कल्याण सिंह झाझड़ ने वैदिक विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराया। उन्होंने परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य के युग निर्माण विचारों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ, उपासना और सेवा के माध्यम से व्यक्ति, परिवार और समाज का उत्थान संभव है।

सह-आचार्य एवं गायत्री परिवार नवलगढ़ के ब्लॉक संयोजक प्रधानाचार्य कृष्ण कुमार दायमा ने कहा कि गायत्री, गौ, गंगा और गीता भारतीय संस्कृति के प्रमुख आधार हैं। इनके आदर्शों को जीवन में अपनाकर संस्कारित और सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है। उन्होंने संस्कार, सेवा और सद्भाव के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि गायत्री परिवार द्वारा साधना, सेवा एवं शिक्षा अभियान, नशामुक्ति, कुरीति उन्मूलन, वृक्षारोपण, साहित्य विस्तार, नारी जागरण, ‘आओ गढ़ें संस्कारवान पीढ़ी’ और प्रज्ञा लाइब्रेरी जैसे रचनात्मक कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. दया शंकर जांगिड़ रहे। विशिष्ट अतिथियों के रूप में भंवर लाल जांगिड़, मोहन लाल चूड़ीवाल, समाजसेवी कैलाश चोटिया, जगदीश जांगिड़, बृज लाल मारोठिया, चिरंजी लाल सैनी सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मुरली मनोहर चौबदार, राजेश सैनी, शंकर गुर्जर, रामपाल मेवानी, विकेश महरिया, महेंद्र कुमार एचरा कारी, सीताराम घोड़ेला, बाबूलाल सैनी, निर्मला सैनी, संतोष दायमा, चंद्रकला पारीक, दीपमाला शर्मा, रंजना शर्मा, संतोष जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष कार्यकर्ता एवं श्रद्धालु मौजूद रहे।

अंत में सभी श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों ने कार्यक्रम की सफलता में सहयोग देने वाले सभी साधकों और कार्यकर्ताओं का आभार जताया।

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