गैंगस्टर की धमकी से पीडि़त व्यवसायी का पीएसओ हटाया, पुलिस महानिदेशक व मानवाधिकार आयोग से सुरक्षा की गुहार
गैंगस्टर की धमकी से पीडि़त व्यवसायी का पीएसओ हटाया, पुलिस महानिदेशक व मानवाधिकार आयोग से सुरक्षा की गुहार
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा
सुजानगढ़ : गैंगस्टर रोहित गोदारा गैंग की ओर से दो करोड़ रुपए की फिरौती और जान से मारने की धमकी के शिकार रहे छापर के संयुक्त व्यापार मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष अमित मोदी की सुरक्षा हटाए जाने से उनकी जान पर एक बार फिर खतरा मंडराने लगा है। सोमवार को पीडि़त व्यवसायी ने पुलिस महानिदेशक और मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष को ज्ञापन भेजकर राजकीय खर्चे पर पुन: हथियारबंद सुरक्षा मुहैया कराने की गुहार लगाई है।
12 जून को अचानक हटा ली गई सुरक्षा
ज्ञापन में व्यापार मंडल के तत्कालीन अध्यक्ष अमित मोदी ने बताया कि 1 मई 2023 को रोहित गोदारा गैंग द्वारा उनसे 2 करोड़ रुपए की फिरौती मांगी गई थी और नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस संबंध में छापर थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई थी, जिस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट सुजानगढ़ के समक्ष चालान भी पेश किया जा चुका है। मामले की गंभीरता और मुख्य आरोपी रोहित गोदारा व वीरेंद्र चारण के फरार होने के कारण राजस्थान पुलिस ने अमित मोदी को राजकीय खर्चे पर एक पीएसओ (निजी सुरक्षा गार्ड) उपलब्ध कराया था, जो पिछले तीन वर्षों से उनकी सुरक्षा में तैनात था।
लेकिन गत 12 जून 2026 को बिना कोई कारण बताए अचानक सुरक्षा गार्ड को हटा दिया गया, जिससे पीडि़त परिवार की चिंताएं बढ़ गई हैं। न्यायालय में बयान होने बाकी, हाल ही में रतनगढ़ में हुई है फायरिंगअमित मोदी ने मानवाधिकार आयोग और पुलिस महानिदेशक को अवगत कराया कि प्रकरण के नामजद मुख्य आरोपी रोहित गोदारा और वीरेंद्र चारण अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। न्यायालय में चल रहे इस गंभीर मामले में अभी तक पीडि़त पक्ष के बयान भी दर्ज नहीं हो पाए हैं। ऐसे में इस मोड़ पर सुरक्षा हटाना पूरी तरह अनुचित और अन्यायपूर्ण है। हाल ही में पड़ोसी कस्बे रतनगढ़ के एक व्यापारी के घर पर भी रोहित गोदारा गैंग द्वारा फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया है, जिससे क्षेत्र के व्यापारियों में पहले से ही भय का माहौल है।
प्रशासन होगा जिम्मेदार
अमित मोदी ने ज्ञापन के जरिए मांग की है कि गैंग के सदस्यों की ओर से आ रहे बार-बार धमकी भरे कॉल्स को देखते हुए उन्हें राजकीय खर्चे पर दो कमांडो फोर्स (हथियारबंद पीएसओ) उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा नहीं मिलने के कारण उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की होगी।उच्चाधिकारियों को भेजी प्रतियां मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस ज्ञापन की प्रतियां बीकानेर रेंज आईजी, एडीजी (क्राइम), एडीजी (आईबी), एसपी चूरू, एएसपी सुजानगढ़ और डीवाईएसपी बीदासर को भी प्रेषित कर जल्द से जल्द सुरक्षा बहाल करने की मांग की
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