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पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी ने किया युवा लेखक अरमान नदीम की नई पुस्तक का लोकार्पण


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पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी ने किया युवा लेखक अरमान नदीम की नई पुस्तक का लोकार्पण

पूर्व उपराष्ट्रपति डॉ. हामिद अंसारी ने किया युवा लेखक अरमान नदीम की नई पुस्तक का लोकार्पण

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

लाडनूं : नई दिल्ली, 20 जून । भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति, वरिष्ठ राजनयिक और प्रख्यात चिंतक डॉ. मोहम्मद हामिद अंसारी ने युवा लेखक अरमान नदीम की नवीनतम नॉन फिक्शन कृति ‘आईने के अरमान’ का नई दिल्ली में औपचारिक लोकार्पण किया। नई दिल्ली में आयोजित एक गरिमामय भेंट के दौरान इस पुस्तक को पाठकों के बीच लाया गया। इस खास मौके पर साहित्य, संस्कृति, इतिहास और समकालीन सामाजिक विषयों पर गहन चर्चा भी हुई।

लोकार्पण के दौरान अरमान नदीम ने डॉ. अंसारी को पुस्तक की प्रति भेंट की और इसके लेखन की प्रेरणा व उद्देश्यों से अवगत कराया। पुस्तक का अवलोकन करते हुए डॉ. हामिद अंसारी ने कहा कि युवा पीढ़ी में साहित्यिक चेतना और अध्ययन संस्कृति का विकास आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने साहित्य को समाज को दिशा देने और मानवीय मूल्यों को बचाए रखने का एक सशक्त माध्यम बताया।

कार्यक्रम में दिल्ली उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी परिवार के वंशज मूसा मुनीर ख़ान विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने ही अरमान नदीम का परिचय डॉ. अंसारी से करवाया। निर्धारित 15 मिनट की यह औपचारिक मुलाकात बेहद आत्मीय रही और डॉ. अंसारी ने युवाओं के साथ लगभग एक घंटे तक देश की बहुलतावादी सांस्कृतिक परंपरा, लोकतांत्रिक मूल्यों और अपने कूटनीतिक अनुभवों को साझा किया।

युवा लेखक अरमान नदीम ने इस अवसर को अपने साहित्यिक जीवन का एक प्रेरणादायक पड़ाव बताते हुए कहा कि ‘आईने के अरमान’ एक चिंतनपरक कृति है, जो समाज, मानवीय संबंधों और युवा चेतना से जुड़े विविध विषयों पर आधारित है। कम उम्र में ही अपनी लेखनी से पहचान बना चुके अरमान नदीम की इस उपलब्धि पर डॉ. पूनम माटिया, सामाजिक कार्यकर्ता मो० मुश्ताक खान कायमखानी, विजय कुमार शर्मा, संजय श्रीमाली, मकसूद हसन कादरी और अब्दुल रऊफ राठौड़ सहित कई गणमान्य साहित्यकारों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे युवा रचनाशीलता को मिली एक बड़ी राष्ट्रीय मान्यता बताया है।

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