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नीट परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्र ने दी जान, 6 दिन बाद भी सुध लेने नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अधिकारी


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नीट परीक्षा रद्द होने के सदमे में छात्र ने दी जान, 6 दिन बाद भी सुध लेने नहीं पहुंचा कोई प्रशासनिक अधिकारी

उमेश माली के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल; 'आप' प्रदेशाध्यक्ष ने बंधाया ढाँढस

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : कैलाश बबेरवाल

उदयपुरवाटी : निकटवर्ती नवलगढ़ विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत कारी बीणा दास ढाणी में एक होनहार छात्र की मौत के छह दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की संवेदनहीनता बरकरार है। पूर्व नीट परीक्षा परिणाम रद्द होने के सदमे में आकर सुसाइड करने वाले छात्र उमेश माली पुत्र लक्ष्मण राम सैनी के पीड़ित परिवार की सुध लेने के लिए अभी तक कोई भी प्रशासनिक अधिकारी या कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा है। वहीं पारिवारिक सूत्रों के अनुसार उमेश माली पढ़ाई में बेहद होनहार था और उसने परिजनों को पूर्व परीक्षा में अच्छे अंक आने का भरोसा दिया था। लेकिन जैसे ही नीट परीक्षा परिणाम रद्द होने की खबर आई, वह गहरे सदमे और मानसिक तनाव में आ गया। इसी मानसिक आघात के कारण 15 जून को दोपहर में उमेश ने अपने फ्लैट पर चुनरी से फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

मौके से पुलिस को एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ था। उमेश के पिता लक्ष्मण राम सैनी अपनी आजीविका के लिए महाराष्ट्र में मजदूरी करते हैं। घटना के वक्त वह घर पर नहीं थे। आरोप है कि पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता और अपनी जवाबदेही से बचने के लिए, परिजनों को बुलाकर आनन-फानन में पोस्टमार्टम कराया और शव सौंप दिया। पीड़ित परिवार आर्थिक रूप से कमजोर और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा हुआ है। ऐसे में बेबस परिजनों का कहना है कि हमारा तो बेटे के साथ ही सब कुछ उजड़ गया, अब हम किसके पास जाएं? इस वोट की राजनीति में सुनने वाला कोई नहीं है।

‘आप’ प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा ने की मुलाकात, हर संभव मदद का भरोसा
घटना के पांचवें दिन आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिले। राजस्थान ‘आप’ प्रदेशाध्यक्ष एवं पबाना सरपंच विजेंद्र सिंह डोटासरा ने बीणा दास ढाणी पहुंचकर शोकाकुल परिवार को ढाँढस बंधाया।

डोटासरा ने इस दुखद घड़ी में संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि बच्चा तो वापस नहीं लाया जा सकता, लेकिन इस बेबस परिवार को न्याय एवं मदद दिलाना हमारा कर्तव्य है। उन्होंने तुरंत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व व सांसद से फोन पर बात कर मामले की पूरी जानकारी दी। प्रदेश नेतृत्व ने आश्वासन दिया है कि इस गंभीर मामले को लेकर जल्द ही सरकार के सामने कड़ा रुख अपनाया जाएगा और पीड़ित परिवार के लिए न्याय की मांग की जाएगी।

ग्रामीणों ने पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के लिए जिम्मेदार तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने मांग की है। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में धांधली और पेपर लीक करने वाले माफियाओं के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई हो, ताकि किसी और मासूम का भविष्य न उजड़े। पीड़ित परिवार की कमजोर माली हालत को देखते हुए सरकार तुरंत पीड़ित परिवार को न्याय प्रदान करे।

इस दौरान पेमाराम सैनी, कालूराम सैनी, माडूराम सैनी, विकास सैनी, हीरालाल सैनी, राजेश कुमार, मक्खन लाल, शंकरलाल, ओमप्रकाश सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और पुरुष मौजूद रहे।

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