यमुना जल समझौते की मांग को लेकर किसानों का धरना 900वें दिन पहुंचा, अर्धनग्न प्रदर्शन कर जताया विरोध
यमुना जल समझौते की मांग को लेकर किसानों का धरना 900वें दिन पहुंचा, अर्धनग्न प्रदर्शन कर जताया विरोध
चिड़ावा। चिड़ावा-खेतड़ी मुख्य मार्ग स्थित लाल चौक पर यमुना जल समझौते को लागू करवाने की मांग को लेकर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना शुक्रवार को 900वें दिन में प्रवेश कर गया। इस अवसर पर किसानों ने खाली मटके रखकर तथा अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया और सरकार से शीघ्र समाधान की मांग की।
धरना स्थल पर आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों के हाथों में किसान सभा के झंडे थे और वे अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान “नहर लाओ-जीवन बचाओ”, “खेत बचाओ”, “किसान सभा जिंदाबाद” और “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
बोले- पानी की कमी से खेती खराब हो रही
प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से पानी की समस्या बनी हुई है। जल संकट के कारण खेती खराब हो रही है और ग्रामीणों को भी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने कहा कि यमुना जल समझौते को प्रभावी रूप से लागू किया जाए, ताकि क्षेत्र को पर्याप्त सिंचाई और पेयजल उपलब्ध हो सके।
किसान नेता बोले- ये आंदोलन जनहित का मुद्दा है
धरने में किसान सभा के जिला अध्यक्ष रणधीर सिंह ओला, चिड़ावा तहसील अध्यक्ष दरिया सिंह धायल, पूर्व बीईओ एवं कमेटी सलाहकार जयसिंह यादव, पूर्व सरपंच मालाराम, पुहानिया कमेटी अध्यक्ष जगमाल यादव और बुहाना तहसील कमेटी सचिव चंद्रभान यादव सहित कई किसान नेता मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि यमुना जल समझौते को लागू करवाने की मांग केवल किसानों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के विकास और भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने सरकार से जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।
ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में पहुंचे किसान
धरना-प्रदर्शन में पुहानिया सरपंच बिल्लू यादव, पूर्व लाइनमैन गोपीचंद, ब्राह्मणों की ढाणी कमेटी अध्यक्ष राजेंद्र सिंह गोदारा, विनोद कुमार शर्मा, सोमवीर बिशनपुरा, सुरेश कुमार कलगांव, ताराचंद तानाण, आंदोलन प्रभारी बजरंग लाल बराला, प्रभु राम सैनी, राजेंद्र सिंह चाहर, प्रताप सिंह भास्कर, अनिल भास्कर, धर्मपाल सिंह, उमराव यादव, ताराचंद यादव और महेश कुमार चाहर सहित बड़ी संख्या में किसान और ग्रामीण मौजूद रहे।
किसान सभा के नेताओं का कहना है कि यमुना जल समझौते को लागू करवाने के लिए चलाया जा रहा आंदोलन लगातार जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है। धरना स्थल पर रोजाना विभिन्न गांवों से किसान पहुंचकर अपनी भागीदारी दर्ज करा रहे हैं और जल संकट के समाधान की मांग को बुलंद कर रहे हैं।
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