RLP जिलाध्यक्ष बोले-नाम बदलने से जनता को क्या फायदा:बीजेपी नेताओं का घेराव करने और काले झंडे दिखाने की चेतावनी
RLP जिलाध्यक्ष बोले-नाम बदलने से जनता को क्या फायदा:बीजेपी नेताओं का घेराव करने और काले झंडे दिखाने की चेतावनी
झुंझुनूं : झुंझुनूं जिले के ऐतिहासिक गांव ‘इस्लामपुर’ का नाम बदलने को लेकर सियासत तेज हो गई है। नाम परिवर्तन के फैसले के विरोध में क्षेत्र के विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को झुंझुनूं में ‘इस्लामपुर संघर्ष समिति’ की ओर से प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। इसमें राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के जिलाध्यक्ष राजेंद्र फौजी, इस्लामपुर सरपंच अमीन मनियार, अध्यापक शैलेश कुमार सहित समिति के पदाधिकारी मौजूद रहे। समिति ने साफ कहा कि इतिहास और आपसी भाईचारे से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मंत्रियों से मिलकर पूछेंगे- नाम बदलने से क्या फायदा हुआ
संघर्ष समिति ने ऐलान किया कि जल्द ही उनका प्रतिनिधिमंडल प्रदेश के प्रभारी मंत्री अविनाश गहलोत, उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ और सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष प्रेम सिंह बाजौर से मुलाकात करेगा।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान शहीद स्मारक में सैनिकों की बड़ी बैठक हुई थी, जिसमें मुस्लिम और अन्य समाजों के पूर्व सैनिकों ने भी भाग लिया था और भाजपा को समर्थन दिया था। उस समय इन तीनों नेताओं ने भाजपा का विधायक बनने पर बिना किसी भेदभाव के विकास कार्य कराने का वादा किया था। अब प्रतिनिधिमंडल उनसे पूछेगा कि नाम बदलने से जनता को क्या फायदा हुआ और विकास के वादे का क्या हुआ।
झुंझुनूं कौमी एकता की मिसाल, राजनीतिक रोटियां सेकने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए RLP जिलाध्यक्ष राजेंद्र फौजी ने कहा कि आजादी के बाद से ही झुंझुनूं जिले की संस्कृति आपसी भाईचारे और कौमी एकता की मिसाल रही है। उन्होंने कहा कि यहां कभी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग राजनीतिक फायदे के लिए लोगों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मूल समस्याओं से ध्यान भटकाने का लगाया आरोप
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि शिक्षा, रोजगार और महंगाई जैसी मूल समस्याओं से ध्यान हटाने के लिए ऐसे मुद्दों को उठाया जा रहा है। राजेंद्र फौजी ने कहा कि नाम बदलने से आम जनता को कागजी और प्रशासनिक परेशानियों के अलावा कोई फायदा नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि इस परंपरा को नहीं रोका गया तो आगे चलकर गांव-गांव में विवाद बढ़ सकते हैं।
हनुमान बेनीवाल को झुंझुनूं आने का न्योता
आंदोलन को तेज करने के लिए आरएलपी जिलाध्यक्ष ने घोषणा की कि 22 तारीख के बाद संघर्ष समिति और आरएलपी का संयुक्त प्रतिनिधिमंडल पार्टी सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल से मिलेगा। उन्हें झुंझुनूं आकर मामले में हस्तक्षेप करने का न्योता दिया जाएगा। समिति ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि हनुमान बेनीवाल के आने से विवाद का समाधान हो सकेगा और जनता को न्याय मिलेगा।
बीजेपी नेताओं के विरोध का ऐलान
संघर्ष समिति ने सरकार को चेतावनी दी कि जब तक इस मामले में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा। समिति ने कहा कि झुंझुनूं दौरे पर आने वाले बीजेपी के बड़े नेताओं का विरोध किया जाएगा। कार्यकर्ता काले झंडे दिखाएंगे और जरूरत पड़ने पर चक्का जाम जैसे कदम उठाने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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