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रानोली में नाला निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाया:ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए भेदभाव के आरोप, सरपंच ने आरोपों को नकारा


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रानोली में नाला निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाया:ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए भेदभाव के आरोप, सरपंच ने आरोपों को नकारा

रानोली में नाला निर्माण के लिए अतिक्रमण हटाया:ग्रामीणों ने सरपंच पर लगाए भेदभाव के आरोप, सरपंच ने आरोपों को नकारा

रानोली : रानोली कस्बे की शिश्यू ग्राम पंचायत में गुरुवार को नाला निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटाया गया। सड़क निर्माण के बाद गंदे पानी की सुचारु निकासी के लिए सीमेंट के नालों का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान एक मकान की लगभग तीन फीट दीवार इसमें बाधा बन रही थी, जिसे प्रशासन की मौजूदगी में दो जेसीबी मशीनों की सहायता से हटाया गया।

इस कार्रवाई के दौरान पलसाना के नायब तहसीलदार रामनिवास बोचलिया, रानोली थाना अधिकारी रामलाल और पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासन की निगरानी में अतिक्रमण हटाने के बाद नाला निर्माण का कार्य पुनः शुरू कराया गया।

हालांकि, इस कार्रवाई के बाद कुछ ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीण संतोष गुर्जर ने बताया कि पंचायत ने सड़क के दोनों ओर नाले बनाने के बजाय बीच सड़क को तोड़कर नाला निर्माण कराया है।

क्षेत्र में अन्य अतिक्रमणों को नजरअंदाज करने का आरोप

ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ प्रभावशाली लोगों के अतिक्रमण को बचाने के लिए एकतरफा कार्रवाई की गई, जबकि एक गरीब परिवार के नए मकान को नुकसान पहुंचाया गया। मकान मालिक गिरधारीलाल जांगिड़ ने बताया कि उन्होंने 15 जून को जिला कलेक्टर के समक्ष आवेदन देकर 15 दिन का समय मांगा था, लेकिन इसके बावजूद उनके मकान पर कार्रवाई कर दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में अन्य अतिक्रमणों को नजरअंदाज किया गया और सरपंच पर कथित रूप से आर्थिक मांग करने का आरोप भी लगाया।

वहीं, सरपंच जयराम खोवाल ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि गिरधारीलाल जांगिड़ ने ग्राम पंचायत द्वारा जारी पट्टे की निर्धारित सीमा से लगभग नौ फीट अधिक निर्माण कर लिया था।

सरपंच ने बताया कि पंचायत की ओर से कई बार नोटिस जारी किए गए और समझाइश के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। नाला निर्माण में बाधा और पानी निकासी प्रभावित होने के कारण उपखंड प्रशासन को अवगत कराकर नायब तहसीलदार व पुलिस बल की मौजूदगी में नियमानुसार कार्रवाई की गई।

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