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100 यूनिट से ज्यादा रक्त संग्रहित, 35 महिलाओं ने किया रक्तदान


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100 यूनिट से ज्यादा रक्त संग्रहित, 35 महिलाओं ने किया रक्तदान

स्त्री शक्ति संगठन के शिविर में महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति किया जागरूक

झुंझुनूं :  रोड नंबर 1 पर स्थित डॉ. मीना शेखावत डेंटल क्लिनिक में अनंतश्री सुखराम महाराज ट्रस्ट एवं स्त्री शक्ति महिला संगठन की ओर से आयोजित रक्तदान शिविर केवल रक्त संग्रह तक सीमित नहीं रहा। बल्कि महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने और उन्हें रक्तदान जैसे महादान के लिए प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना। सामाजिक सरोकार के तहत प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस रक्तदान शिविर का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रक्तदान के प्रति जागरूक करना और समाज में यह संदेश देना है कि यदि महिलाएं अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

संतुलित खान-पान अपनाएं और स्वयं को प्राथमिकता दें। तो वे भी पुरुषों की तरह रक्तदान जैसे पुनीत कार्यों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभा सकती हैं। देशभर में महिलाओं का रक्तदान प्रतिशत अभी भी अपेक्षाकृत कम है। इसके पीछे प्रमुख कारण स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और जागरूकता की कमी मानी जाती है। इसी सोच को बदलने और महिलाओं में आत्मविश्वास जगाने के लिए स्त्री शक्ति महिला संगठन हर वर्ष इस शिविर का आयोजन करता है। इस वर्ष आयोजित शिविर में 100 से अधिक यूनिट रक्त एकत्रित किया गया।

विशेष बात यह रही कि 35 के करीब महिलाओं ने रक्तदान कर समाज के सामने एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया। महिलाओं की तरफ से स्त्री शक्ति महिला संगठन की सदस्या डॉ. शालू टीबड़ा ने सबसे पहले रक्तदान करके महिलाओं को प्रोत्साहित किया और शुभारंभ किया। महिलाओं ने यह साबित किया कि यदि स्वास्थ्य अच्छा हो और आत्मविश्वास मजबूत हो तो रक्तदान केवल पुरुषों तक सीमित नहीं है। शिविर का शुभारंभ स्त्री शक्ति महिला संगठन की संयोजिका ललित राठौड़, सुमन मील, डॉ. शालू टीबड़ा एवं शिविर संयोजिका डॉ. मीना शेखावत ने किया।

इस बार का रक्तदान शिविर संगठन की पूर्व सदस्य स्वर्गीय रश्मि शेखावत की स्मृति को समर्पित रहा। शिविर के दौरान महिला चिकित्सकों ने उपस्थित महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छोटी-छोटी अच्छी आदतें महिलाओं को स्वस्थ बनाए रख सकती हैं, जिससे वे न केवल अपने परिवार की देखभाल बेहतर ढंग से कर सकेंगी बल्कि जरूरतमंदों के लिए रक्तदान जैसे जीवनदायी कार्य में भी सक्रिय भूमिका निभा सकेंगी। आयोजकों ने कहा कि रक्तदान केवल किसी की जान बचाने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी सबसे बड़ा उदाहरण है। महिलाओं की बढ़ती भागीदारी यह संकेत दे रही है कि अब वे हर क्षेत्र की तरह सामाजिक सेवा के इस अभियान में भी नई पहचान बना रही हैं।

इस अवसर पर सरोज बड़ाऊ, डॉ. शशि मोरोलिया, शशि नूनियां, अंजू शर्मा, मंजू कुमावत, सुमन कंवर, सुनिता पूनियां, रविता झाझड़िया, सुमन बीदासर, सुनिता पूनियां व डॉ. सिमरन सहित कई महिलाएं मौजूद रहीं।

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