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जयपुर-चूरू मार्ग पर सड़क बदहाल, बारिश में जलभराव से वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी


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जयपुर-चूरू मार्ग पर सड़क बदहाल, बारिश में जलभराव से वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी

खेल मैदान, पार्थ सिटी व भाजपा जिला कार्यालय के सामने सड़क पर गहरे गड्ढे; मरम्मत की मांग

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : जिला मुख्यालय के निकट रामसरा से रेलवे लोको शेड, इन्द्रमणि पार्क फाटक, अग्रसेन नगर होते हुए चूरू-जयपुर मार्ग तक सड़क की हालत अत्यंत खराब हो चुकी है। हाल ही में हुई बारिश के बाद सड़क पर जलभराव और गड्ढों ने वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

कांग्रेस के जिला प्रवक्ता एडवोकेट रामेश्वर प्रजापति ने बताया कि इस मार्ग पर स्थानीय विधायक की ग्राम पंचायत तथा भाजपा जिला कार्यालय भी स्थित है, लेकिन इसके बावजूद सड़क की स्थिति लंबे समय से जर्जर बनी हुई है। उन्होंने कहा कि भाजपा जिला कार्यालय के सामने सड़क पर एक-एक फुट गहरे गड्ढे बने हुए हैं, जिससे प्रतिदिन आवागमन करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

प्रजापति ने प्रेस वार्ता के माध्यम से मुख्यमंत्री से चूरू-जयपुर मार्ग के चूरू से रामसरा तक क्षतिग्रस्त सड़क का शीघ्र पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं और सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

उन्होंने बताया कि बुधवार को हुई मामूली बारिश के बाद खेल मैदान, पार्थ सिटी तथा भाजपा जिला कार्यालय के आसपास दो से तीन फीट तक पानी भर गया। जलभराव के कारण कई वाहनों के इंजन बंद हो गए तथा दोपहिया वाहनों के साइलेंसर तक पानी पहुंच गया।

क्षेत्रवासियों के अनुसार रामसरा, ऊंटवालिया, बिसाऊ और झुंझुनूं की ओर जाने वाली सरकारी एवं निजी बसें भी इसी मार्ग से संचालित होती हैं। ऐसे में सड़क की खराब स्थिति का असर आमजन और सार्वजनिक परिवहन दोनों पर पड़ रहा है। पार्थ सिटी आवासीय क्षेत्र के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने भी सड़क बुरी तरह क्षतिग्रस्त है, जिससे वहां रहने वाले परिवारों को आवागमन में परेशानी हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर कहीं भी सार्वजनिक निर्माण विभाग का सूचना बोर्ड नहीं लगा है। छोटे वाहनों को कई बार वापस लौटकर वैकल्पिक मार्ग से जाना पड़ता है, जबकि भारी वाहनों के लिए कोई दूसरा रास्ता उपलब्ध नहीं है। लोगों ने जिला प्रशासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर सड़क मरम्मत और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है।

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