सुखदेव आश्रम के बाहर 3 फीट जलभराव, दुकानों में घुसा पानी; निकासी व्यवस्था पर उठे सवाल
जनमानस शेखावाटी न्यूज़ की खबर का असर, नगर पालिका ने शुरू किया राहत कार्य
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
लाडनूं : रविवार को तेज आंधी और बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बस स्टैंड स्थित ऐतिहासिक सुखदेव आश्रम जैन मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने करीब तीन फीट तक पानी भर गया, जबकि आसपास की दुकानों में एक फुट तक पानी घुसने से व्यापारियों को समय से पहले दुकानें बंद करनी पड़ीं।
बारिश के दौरान बड़ा बास, हॉस्पिटल रोड और आसपास की गलियों का पानी बस स्टैंड क्षेत्र में पहुंच गया। इससे मंदिर परिसर, रोडवेज बुकिंग खिड़की और राव कुआं क्षेत्र तक जलभराव की स्थिति बन गई। पानी भरने से श्रद्धालुओं, राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सामाजिक कार्यकर्ता मोहम्मद मुश्ताक खान कायमखानी तथा स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि हल्की बारिश में भी बस स्टैंड क्षेत्र में जलभराव आम समस्या बन चुकी है। उनका कहना है कि पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर बार यही स्थिति बनती है। लोगों ने आशंका जताई कि यदि आगामी दिनों में अधिक बारिश हुई तो हालात और गंभीर हो सकते हैं।
कायमखानी ने बताया कि मंदिर के सामने जल निकासी की समस्या वर्षों पुरानी है। लगातार जलभराव के कारण मंदिर के तीन प्रवेश द्वार बंद करने पड़े और मुख्य द्वार के सामने सुरक्षा के लिए करीब दो फीट ऊंची दीवार तथा दोनों ओर सीढ़ियां बनानी पड़ीं। इससे विशेष रूप से बुजुर्ग श्रद्धालुओं को आवागमन में परेशानी होती है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कई बार प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया।
जलभराव का असर परिवहन व्यवस्था पर भी पड़ा। बस स्टैंड क्षेत्र में पानी भरने से रोडवेज बसें मुख्य स्टैंड तक नहीं पहुंच सकीं और यात्रियों को पहले ही उतरना पड़ा। वहीं बारिश के दौरान ऑटो-रिक्शा नहीं मिलने से यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गईं।
स्थानीय नागरिकों एवं हुकुम सिंह गनोड़ा सहित अन्य लोगों ने जिला प्रशासन से ऐतिहासिक सुखदेव आश्रम जैन मंदिर की सुरक्षा तथा बस स्टैंड क्षेत्र की जल निकासी व्यवस्था में स्थायी सुधार की मांग की है।
खबर का असर
जनमानस शेखावाटी न्यूज़ में प्रमुखता से समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और जल निकासी व राहत कार्य शुरू कर दिए। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्थायी समाधान के बजाय स्थायी व्यवस्था की आवश्यकता है।
उल्लेखनीय है कि तेज आंधी और बारिश के कारण क्षेत्र के कई स्थानों पर पेड़-पौधे तथा कच्चे मकान भी क्षतिग्रस्त हुए।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19







Total views : 2213773


