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किसान महासभा ने मांगा कृषि मंत्री का इस्तीफा:राजस्थान में 20 जून से एक महिने का आंदोलन चलाने का ऐलान


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किसान महासभा ने मांगा कृषि मंत्री का इस्तीफा:राजस्थान में 20 जून से एक महिने का आंदोलन चलाने का ऐलान

किसान महासभा ने मांगा कृषि मंत्री का इस्तीफा:राजस्थान में 20 जून से एक महिने का आंदोलन चलाने का ऐलान

झुंझुनूं : अखिल भारतीय किसान महासभा ने कृषि विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कृषि मंत्री से इस्तीफे की मांग की है। महासभा की स्टेट कमेटी की जयपुर में एक अहम बैठक हुई। इसमें महासभा के प्रदेशाध्यक्ष फूलचंद ढेवा शामिल रहे। साथ ही खाद-बीज निगम में गबन की जांच हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में कमीशन बनाकर करने की मांग की।

​किसान महासभा के नेताओं ने कहा- राजस्थान का किसान चौतरफा मार झेल रहा है। डीजल, बिजली, खाद, बीज और कीटनाशकों की कीमतें आसमान छू रही हैं। इससे खेती की लागत बढ़ गई है। दूसरी तरफ किसानों को उनकी फसलों का सही दाम नहीं मिल रहा।ऊपर से सूखा, बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक आपदाएं कमर तोड़ रही हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए नहीं बल्कि बीमा कंपनियों के लिए वरदान साबित हो रही है।

एक महीने विशेष अभियान

प्रदेश सचिव रामचंद्र कुलहरी ने कहा- ​किसानों को एकजुट करने के लिए महासभा बड़ा आंदोलन करेगी। 20 जून से 20 जुलाई तक पूरे राजस्थान में एक महीने का विशेष जनजागरण और सदस्यता अभियान चलेगा। इस दौरान हर गांव, ब्लॉक और जिला स्तर पर कमेटियों का गठन कर किसान आंदोलन को नई धार दी जाएगी।

​किसान महासभा की 9 सूत्रीय प्रमुख मांगें

  • ​​MSP की गारंटी: सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
  • ​कर्जमाफी: प्रदेश के किसानों का पूरा कर्ज माफ किया जाए।
  • ​राहत: बिजली और सिंचाई के पानी पर किसानों को विशेष सब्सिडी और राहत मिले।
  • ​फसल बीमा में सुधार: फसल बीमा योजना की विसंगतियों को दूर कर इसे किसान हितैषी बनाया जाए।
  • उचित मुआवजा: प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान का तुरंत और सही मुआवजा मिले।
  • ​कृषि मंत्री का इस्तीफा: खाद व बीज निगम घोटाले के दोषी कृषि मंत्री इस्तीफा दें और हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज से इसकी जांच हो।
  • ​स्मार्ट मीटर पर रोक: जबरन स्मार्ट मीटर लगाना बंद किया जाए और इस योजना को वापस लिया जाए।
  • ​आदिवासी किसानों को अधिकार: वनाधिकार कानून, 2006 और पेसा (PESA) कानून, 1996 को कड़ाई से लागू किया जाए। बिलानाम (गैर-मुमकिन) जमीनों पर खेती कर रहे काश्तकारों को पट्टे दिए जाएं। साथ ही, पट्टाधारकों को केसीसी (KCC), तारबंदी और कुआं निर्माण जैसी सरकारी सब्सिडी का लाभ मिले।
  • ​यमुना का पानी: शेखावाटी क्षेत्र के किसानों के लिए यमुना नहर का पानी जल्द से जल्द लाया जाए।

​कॉरपोरेट नहीं, जनता का हो विकास

​बैठक के अंत में संकल्प लिया- संगठन एक ऐसे भारत और राजस्थान का निर्माण करना चाहता है जहां कोई भी किसान कर्ज या संकट के कारण आत्महत्या न करे। खेती एक सम्मानजनक और मुनाफे का सौदा बने और देश के विकास का लाभ कुछ चुनिंदा कॉरपोरेट घरानों की तिजोरी में न जाकर मेहनतकश जनता और मजदूरों तक पहुंचे।

​बैठक के शुरू में संगठन के दिवंगत नेताओं राज्य उपाध्यक्ष रामस्वरूप मणकश, रामजीलाल और भगवान सिंह कोडाण के निधन पर दो मिनट का मौन रख श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में भाकपा-माले के राज्य सचिव शंकरलाल चौधरी, जयपुर जिला सचिव कामरेड मंजूलता शर्मा और ऐक्टू के प्रदेश सचिव कामरेड सौरभ नरूका शामिल हुए।

इस राज्य स्तरीय बैठक में राज्य उपाध्यक्ष कामरेड ओमप्रकाश झारोड़ा, राज्य कोषाध्यक्ष कामरेड इंद्राज सिंह चारावास सहित जयपाल किढवाना, प्रेम सिंह नेहरा, रामनारायण ढेवा, रोतास काजला, होशियार सिंह, करण सिंह राव मौजूद रहे। इसके अलावा जयपुर से कामरेड रामजी, उदयपुर से कामरेड चंद्रदेव ओला, प्रतापगढ़ से कामरेड रंगलाल व उदा भाई, सलूम्बर से कामरेड लालूराम पीलादर और कामरेड गौतम मोरिला ने भी हिस्सा लिया।

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