इस्लामपुर नामकरण को लेकर ग्रामीणों का पैदल मार्च, 15 किलोमीटर का पैदल सफर कर कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण
गांव का नाम बदलने के विरोध में हजारों लोगों का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, ग्रामीण बोले किसी भी सूरत में इस्लामपुर का नामकरण नहीं बदलने देंगे
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद आरिफ चंदेल
झुंझुनूं : इस्लामपुर नामकरण को लेकर प्रस्तावित पैदल मार्च सोमवार सुबह गांव के अंबेडकर चौक से शुरू हुआ। पैदल मार्च को लेकर ग्रामीण काफी उत्साहित नजर आए और अल सुबह से ही चौक में ग्रामीणों का हुजूम उमड़ पड़ा। पैदल मार्च से पहले पूर्व मंत्री राजेंद्रसिंह गुढ़ा, आमीन मनियार और ग्रामीणों ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर को नमन किया और उसके बाद राजेंद्र गुढ़ा के नेतृत्व में अंबेडकर चौक से पैदल मार्च शुरू हुआ। पैदल मार्च मदीना बाजार, ग्राम पंचायत रोड व समसपुर होते हुए 15 किलोमीटर का सफर कर कलेक्ट्रेट पहुंचा।
पैदल मार्च के दौरान ग्रामीण अपने हाथों में तिरंगा लिए हुए और इस्लामपुर जिंदाबाद व इस्लामपुर का नाम यथावत रखो जैसे नाते लगाते हुए और स्लोगन लिखी हुई तख्तियां हाथ में लिए चल रहे थे। तेज गर्मी और चिलचिलाती धूप में भी ग्रामीणों का जोश और जुनून देखते ही बन रहा था। पैदल मार्च में केवल युवा ही नहीं बल्कि 50 और 70 वर्ष के बुजुर्ग भी शामिल थे।
विधायक ने नाम बदलने की अनुशंसा कर हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने का काम किया
ग्रामीणों ने कहा विधायक ने इस्लामपुर का नाम बदलने की अनुशंसा कर गांव में हिंदू-मुस्लिम एकता को तोड़ने का काम किया है। हिंदू और मुस्लिम गांव की बसावट के समय से आज तक एक थाली में खाते आ रहे थे नामकरण विवाद को पैदा कर विधायक ने उनके बीच नफरत की खाई पैदा कर दी है जिसे ग्रामीण किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगे।
झुंझुनूं में सर्व समाज के लोगों ने पैदल मार्च पर की पुष्प वर्षा
पैदल मार्च के समसपुर पहुंचने पर वहां के ग्रामीणों की ओर से पैदल मार्च में शामिल लोगों के लिए ठंडे शरबत और जलपान की व्यवस्था की गई। पैदल मार्च के झुंझुनूं मुख्यालय पहुंचने पर सर्व समाज के लोगों की ओर से जगह-जगह पुष्प वर्षा कर ग्रामीणों का सम्मान किया गया।
2 किलोमीटर लंबे पैदल मार्च में हजारों की संख्या में थे ग्रामीण
लगभग 2 किलोमीटर लंबा पैदल मार्च जब जिला कलेक्ट्रेट पहुंच तो वहां पर हजारों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे जिससे लोगों को पैर रखने के लिए जगह नहीं मिली।
मुसलमानों का हम पर ऐहसान, हम ब्याज सहित चुकाएंगे
कलेक्ट्रेट पर सभा को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने कहा कि इस्लामपुर गांव पठानों का बसाया हुआ है और पठान हकीम खां सूरी महाराणा प्रताप के सेनापति थे जिन्होंने हर लड़ाई में उनका साथ दिया। हम राव शेखा के वंशज हैं पठानों का अहसान हम ब्याज सहित चुकाएंगे और जब भी मुसलमान को हमारी जरूरत पड़ेगी हम उनके लिए खून बहाने के लिए तैयार रहेंगे।
कलेक्ट्रेट पहुंचते ही विधायक गुढा की बिगड़ी तबीयत
15 किलोमीटर की पैदल यात्रा के बाद कलेक्ट्रेट के बाहर आयोजित सभा के उपरांत पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे सड़क पर ही गिर पड़े। तेज गर्मी के कारण उनके शरीर से लगातार पसीना निकल रहा था। समर्थकों ने तुरंत उन्हें संभाला, पानी पिलाया और चेहरे पर पानी के छींटे मारकर राहत पहुंचाई। मौके पर एम्बुलेंस भी पहुंची, लेकिन गुढ़ा ने अस्पताल जाने से मना कर दिया।


गुढ़ा ने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी। ऐसे में सभी लोग भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे बैठे रहे।
इंजीनियर इब्राहिम खान ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस्लामपुर गांव का नाम किसी भी सूरत में नहीं बदलने दिया जाएगा यह गांव हमारे बुजुर्गों की विरासत है। आमीन मनियार ने कहा कि इस्लामपुर गांव पठानों ने बसाया था जिसका इतिहास गवाह है। सरकार ने अगर अपना प्रस्ताव वापस नहीं लिया तो हम पैदल मार्च कर जयपुर सीएम तक भी पहुंचेंगे। सभा के बाद ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि यह गांव लगभग 500 वर्ष पहले बहलोल खां ने बसाया था और अपने ससुर इस्लाम खान के नाम पर इसका नाम इस्लामपुर रखा था। ग्रामीणों की ओर से ज्ञापन के साथ आवश्यक दस्तावेज भी पेश किए गए। जिला कलेक्टर ने ग्रामीणों को उचित न्याय करने का आश्वासन दिया।


200 साल पुराने रिकॉर्ड और 1897 के दस्तावेज सौंपे
कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनन के दौरान ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर अरुण गर्ग को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने अपनी ऐतिहासिक पहचान साबित करने के लिए प्रशासन के सामने कई अहम डॉक्यूमेंट दिए। प्रदर्शनकारियों ने करीब 200 साल पुराने रिकॉर्ड और वर्ष 1897 के दस्तावेज भी प्रशासन को सौंपे और गांव के नाम में बदलाव का विरोध दर्ज कराया।

कलेक्टर ने साफ किया कि प्रशासन का काम जल्दबाजी में कोई आश्वासन देना नहीं, बल्कि तथ्यों के आधार पर काम करना है। अभी जनगणना का कार्य चल रहा है और नाम बदलने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है। जिला प्रशासन केवल पहला स्तर है। इसके बाद फाइल राज्य सरकार और फिर केंद्र सरकार के पास जाती है। इसलिए जो भी फैसला होगा, वह पूरी तरह दस्तावेजों और मेरिट के आधार पर ही लिया जाएगा।
ये रहे मौजूद
इस अवसर पर रालोपा के जिलाध्यक्ष राजेंद्र फौजी, अब्दुल कयूम, शैलेष भारतीय, याकूब कुरैशी, दिनेश बरवड़, शौकत तेली, साजिद पठान, हन्नान पठान, प्रभुदयाल गर्वा, जावेद कुरेशी, दीनदयाल गर्वा, सत्तार पठान, अरविंद, वाहिद पठान, महफूज कुरेशी, हसन पठान, रविंद्र भूरिया, हैदर पठान, अनिल कुमार गर्वा, मो. ताहिर खान पठान, अब्दुल मजीद खान, राकेश कड़वासरा, मनोज कुमावत, कलीमुद्दीन, मुख्तियार पठान, खुर्शीद मनियार, मनिंदर गर्वा भीम आर्मी, महेंद्र चारावास आजाद समाज पार्टी, मुंशी लुहार, बशीर मनियार, रामकिशन गर्वा, पूर्व सरपंच बरकत अली, कन्हैया लाल गर्वा, पवन भूरिया, मनीराम बागड़ी, हरिकिशन गर्वा व नन्दलाल मेघवाल सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
पैदल मार्च में शामिल होने वाले ग्रामीणों की राय…

गांव का नाम नहीं बदलना चाहिए हम जैसे मजदूरों को काफी परेशानी होगी। यह पठानों का बसाया हुआ गांव है और उनकी जमीन में हमारे बाप-दादा भी रहते आए है।- बलवीर जुलाहा

हमारे गांव का नाम हमेशा इस्लामपुर ही रहा है कुछ लोग इसे बदलना चाहते हैं। हमने 50 साल में बुजुर्गों से कभी इसका दूसरा नाम नहीं सुना।-महेंद्र तानान

गांव का नाम इस्लामपुर ही रहे। बच्चों के कागजों में जो दिक्कत आएगी उसे हम ही जानते हैं। एक आधर कार्ड में संशोधन कराने के लिए भी दस-दस दिन घुमना पड़ता है। यही नाम रहना चाहिए।- ओमप्रकाश मेघवाल

हमारे पठान दादा पड़दादा का 500 साल पहले बसाया हुआ गांव है। 50 साल पहले हुई शादी में इस्लामपुर नाम लिखा हुआ है उसका क्या होगा गांव का नाम इस्लामपुर ही रहना चाहिए।- रफीक तेली

गांव का नाम नहीं बदलना चाहिए क्योंकि ये गांव हमारी विरासत है। हमेशा से इस्लामपुर ही है और यही रहना चाहिए।- अकिलुर्रह्मान पठान
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19




Total views : 2211906


