[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

न्यामा मंदिर में चादरपोशी पर विवाद:घंटों चली समझाइश, नहीं निकला समाधान


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यलक्ष्मणगढ़सीकर

न्यामा मंदिर में चादरपोशी पर विवाद:घंटों चली समझाइश, नहीं निकला समाधान

न्यामा मंदिर में चादरपोशी पर विवाद:घंटों चली समझाइश, नहीं निकला समाधान

लक्ष्मणगढ़ : कस्बे के न्यामा बाजार स्थित प्राचीन श्री न्यामा मंदिर में शनिवार को प्रस्तावित चादरपोशी कार्यक्रम विवाद के चलते देर शाम तक संपन्न नहीं हो सका। मंदिर में नए महंत की नियुक्ति को लेकर दो पक्षों के बीच मतभेद के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

महंत के निधन के बाद शुरू हुआ विवाद

जानकारी के अनुसार, मंदिर के महंत महावीर दास महाराज के 19 मई को देवलोकगमन के बाद नए महंत की नियुक्ति प्रक्रिया प्रस्तावित थी। परंपरा के अनुसार शनिवार को चादरपोशी कार्यक्रम होना था, लेकिन इससे पहले ही विवाद खड़ा हो गया।

एक पक्ष ने वसीयत के आधार पर जताया दावा

एक पक्ष का कहना है कि दिवंगत महंत के शिष्य लक्ष्मीकांत दास महाराज को नया महंत नियुक्त किया जाना था। लक्ष्मीकांत दास का दावा है कि उनके पास निवर्तमान महंत द्वारा जारी वसीयत मौजूद है, जिसमें उन्हें उत्तराधिकारी घोषित किया गया है।

वहीं, दूसरे पक्ष ने इस दावे को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसके बाद मामला बढ़ गया।

पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा

सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा ने भी मंदिर पहुंचकर दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया।

प्रशासन की ओर से कहा गया कि यदि दोनों पक्ष आपसी सहमति से किसी एक व्यक्ति की चादरपोशी करना चाहें तो प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।

घंटों चली समझाइश, नहीं निकला समाधान

नगर के प्रबुद्धजनों और प्रशासन की मौजूदगी में एक घंटे से अधिक समय तक समझाइश जारी रही, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके चलते चादरपोशी कार्यक्रम स्थगित रह गया।

कई अधिकारी और पुलिस बल रहे तैनात

स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए प्रशासन ने व्यापक पुलिस बल तैनात किया। मौके पर उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा, तहसीलदार फारूक अली, फतेहपुर पुलिस उपाधीक्षक अरविंद कुमार, लक्ष्मणगढ़ से प्रोबेशनल पुलिस उपाधीक्षक नरेश कुमार और कार्यवाहक थानाधिकारी राजकुमार यादव सहित लक्ष्मणगढ़, बलारां, नेछवा और फतेहपुर का पुलिस बल मौजूद रहा।

धार्मिक आयोजन के बीच उठा विवाद

गौरतलब है कि शुक्रवार रात मंदिर परिसर में जागरण का आयोजन किया गया था, जिसमें भजन प्रस्तुतियां हुईं। शनिवार को भक्तों के लिए प्रसादी का आयोजन भी प्रस्तावित था, लेकिन विवाद के कारण मुख्य कार्यक्रम प्रभावित हो गया।

Related Articles