[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

चिड़ावा में वट अमावस्या पर सुहागिनों ने की पूजा:जोशियों की बगीची में इकट्ठी हुईं, भजन किए और मौली का धागा लेकर बरगद की परिक्रमा की


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चिड़ावाझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

चिड़ावा में वट अमावस्या पर सुहागिनों ने की पूजा:जोशियों की बगीची में इकट्ठी हुईं, भजन किए और मौली का धागा लेकर बरगद की परिक्रमा की

चिड़ावा में वट अमावस्या पर सुहागिनों ने की पूजा:जोशियों की बगीची में इकट्ठी हुईं, भजन किए और मौली का धागा लेकर बरगद की परिक्रमा की

चिड़ावा : चिड़ावा शहर में वट अमावस्या के अवसर पर विवाहित सुहागिन महिलाओं ने वट वृक्ष की पूजा-अर्चना की। उन्होंने अपने पतियों की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि की कामना की। शहर की जोशियों की बगीची स्थित वट वृक्ष के नीचे वट अमावस्या के अवसर पर महिलाएं एकत्र हुई और भजन कीर्तन किए। वहीं, महिलाओं ने इस दौरान वट सावित्री व्रत कथा का भी सामूहिक श्रवण कर वट वृक्ष की विधि विधान से पूजा अर्चना की।

महिलाओं ने बताया कि पति की लंबी उम्र की कामना को लेकर हर वर्ष इस दिन को महिलाएं श्रद्धापूर्वक पर्व के रूप में मनाती है। इस मौके पर वार्ड 20 की राजकुमारी, ललिता, चन्दा, सुनिता, प्रेम, सरला सहित काफी संख्या में महिलाओं ने पूजन में हिस्सा लिया।

हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, वट वृक्ष में भगवान ब्रह्मा, विष्णु और शिव का वास होता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन वट वृक्ष की पूजा करने से पति की आयु लंबी होती है। इसी विश्वास के चलते महिलाएं सुबह से ही पूजा में जुटी थीं। पूजा के दौरान महिलाओं ने मौली का धागा लेकर बरगद के पेड़ की परिक्रमा की। उन्होंने सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थना की और सती सावित्री की कथा का श्रवण भी किया।

Related Articles