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सांध्य ‘नित्य हलचल’ पर पीएचडी, शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज


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सांध्य ‘नित्य हलचल’ पर पीएचडी, शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

सांध्य ‘नित्य हलचल’ पर पीएचडी, शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल का नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : अयूब खान 

पचेरी कलां : हरियाणा की हिंदी पत्रकारिता पर किए गए एक अनूठे शोधकार्य ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। सिंघानिया विश्वविद्यालय, पचेरी बड़ी से “हरियाणा की हिंदी पत्रकारिता के विकास में ‘नित्य हलचल’ की भूमिका” विषय पर पीएचडी करने वाले शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल का नाम गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि किसी भी सांध्य हिंदी दैनिक समाचार पत्र पर पीएचडी करने वाला यह विश्व का पहला शोधकार्य माना गया है। इसके साथ ही ‘नित्य हलचल’ विश्व का पहला सांध्य हिंदी दैनिक बन गया है, जिस पर शोधकार्य हुआ है। वहीं सिंघानिया विश्वविद्यालय भी ऐसा पहला विश्वविद्यालय बना है, जहां इस विषय पर पीएचडी संपन्न हुई।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स प्रबंधन की ओर से शोधार्थी डॉ. मुकुट अग्रवाल को प्रमाण-पत्र, मेडल, प्रतीक चिह्न और टी-शर्ट भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सिंघानिया विश्वविद्यालय के कुलपति एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के पूर्व अधिकारी डॉ. मनोज कुमार गर्ग ने कहा कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए गर्व का विषय है और संस्थान नवाचार आधारित शोध को आगे भी प्रोत्साहित करता रहेगा।

कार्यक्रम में आचार्य एवं सांस्कृतिक संकाय अधिष्ठाता तथा साहित्यकार डॉ. रामनिवास ‘मानव’ ने कहा कि किसी सांध्य हिंदी दैनिक पर पीएचडी होना पत्रकारिता जगत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इससे सांध्यकालीन समाचार पत्रों की भूमिका और योगदान को नई पहचान मिलेगी।

इस अवसर पर ‘नित्य हलचल’ की पूर्व संपादक एवं वर्तमान में नारनौल निवासी डॉ. कांता भारती, शोध निर्देशक डॉ. आरती प्रजापति, उपकुलपति डॉ. पवन त्रिपाठी, कुलसचिव एमआई हाशमी, शोध अधिष्ठाता डॉ. सुमेर सिंह, मीडिया संकाय अधिष्ठाता डॉ. मनोज वर्गीज, लोक संपर्क अधिकारी डॉ. मोनिका सैनी तथा ऋतु मुकुट अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि यह शोध-प्रबंध जल्द ही पुस्तक रूप में प्रकाशित होकर पाठकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।

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