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चिड़ावा के खरिया में भूजल प्रबंधन समिति गठित:नाबार्ड समर्थित परियोजना का प्रशिक्षण मिला, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में बताया


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चिड़ावा के खरिया में भूजल प्रबंधन समिति गठित:नाबार्ड समर्थित परियोजना का प्रशिक्षण मिला, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में बताया

चिड़ावा के खरिया में भूजल प्रबंधन समिति गठित:नाबार्ड समर्थित परियोजना का प्रशिक्षण मिला, उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में बताया

चिड़ावा : चिड़ावा स्थित रामकृष्ण जयदयाल डालमिया सेवा संस्थान ने नाबार्ड और ग्रामीणों के सहयोग से खारिया गांव में “भागीदारी आधारित सतत भूजल प्रबंधन” परियोजना शुरू की है। इस परियोजना के लिए ग्राम जल ग्रहण समिति खारिया का गठन किया गया, जिसके साथ एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित हुआ।

उद्देश्य और कार्यप्रणाली के बारे में बताया

प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीणों और समिति सदस्यों को परियोजना के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली और क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से भूजल संरक्षण, जल प्रबंधन और प्राकृतिक संसाधनों का सतत उपयोग कैसे सुनिश्चित किया जा सकता है।

योजनाबद्ध तरीके से काम करने के लिए किया प्रेरित

संस्थान के परियोजना प्रबंधक भूपेंद्र पालीवाल ने जल एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला और समिति को योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने के लिए प्रेरित किया। जल संसाधन व ग्रामीण विकास समन्वयक संजय शर्मा ने कृषि एवं जल प्रबंधन के समन्वय पर विचार रखे, जबकि कृषि एवं वानिकी समन्वयक शुभेंद्र भट्ट ने वानिकी और पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाया।

सामूहिक प्रयासों पर दिया जोर

कार्यक्रम में ग्राम पंचायत प्रशासक सुमन देवी, सुरेश कुमार, मनोहर, अनिता, पवन, उम्मेद, सुभाष, विजय, अजीत, सुमन सहित कई अन्य गणमान्य ग्रामीण उपस्थित थे। सभी वक्ताओं ने गांव के जल संसाधनों के संरक्षण और विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।

कार्यक्रम के अंत में ग्राम जल ग्रहण समिति का विधिवत गठन किया गया। इसमें सुमन देवी सहित समिति के पदाधिकारियों का चयन कर उन्हें जिम्मेदारियां सौंपी गईं। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गांव में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और सतत विकास की दिशा में ठोस कदम उठाना है।

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