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आसलू ग्राम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल: जामा मस्जिद में ‌ अलविदा -जुम्मे पर हुआ सामूहिक इफ्तार, गूंजा भाईचारे का संदेश


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आसलू ग्राम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल: जामा मस्जिद में ‌ अलविदा -जुम्मे पर हुआ सामूहिक इफ्तार, गूंजा भाईचारे का संदेश

आसलू ग्राम में गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल: जामा मस्जिद में ‌ अलविदा -जुम्मे पर हुआ सामूहिक इफ्तार, गूंजा भाईचारे का संदेश

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू : निकटवर्ती ग्राम आसलू स्थित जामा मस्जिद परिसर में जुम्मे की शाम एक भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया, जिसने हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सौहार्द की एक सुंदर मिसाल पेश की। इस आयोजन का नेतृत्व कृष्ण कुमार बजाड़ ने किया, जिसमें दोनों समुदायों के लोगों ने एक साथ बैठकर रोज़ा इफ्तार किया और आपसी भाईचारे का संदेश दिया।

यह आयोजन गंगा-जमुनी तहज़ीब की जीवंत तस्वीर बनकर उभरा, जहां विविधता में एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान प्रेम, सद्भाव और एकजुटता का वातावरण पूरे परिसर में स्पष्ट रूप से महसूस किया गया।

आयोजक कृष्ण कुमार बजाड़ ने अपने संबोधन में कहा कि रमज़ान का पवित्र महीना प्रेम, धैर्य और इंसानियत का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी रिश्तों को मजबूत करते हैं। और लोगों को एक-दूसरे के और करीब लाते हैं। उनका कहना था कि इस इफ्तार का उद्देश्य केवल रोज़ा खोलना नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को एक मंच पर लाकर आपसी दूरियों को मिटाना और विश्वास को सुदृढ़ करना है।

इस अवसर पर मस्जिद के इमाम महबूब कौशर, रमजान मोहम्मद, मैइनुदीन (पीटीआई), मुमताज अली, इमरान खान अखाण, रफीक शाह, आजम अली, मुबारिक अली, जंगशेर अली, मुख्तार हुसैन, शौकत अली, शेर मोहम्मद, भँवरू शाह, तौफीक अली, नियामत शाह, इस्माइल अली, साजिद अली, मुस्तकीम हुसैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लेकर कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम के समापन पर सभी ने एक-दूसरे को रमज़ान की मुबारकबाद दी और क्षेत्र में शांति, भाईचारा एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। साथ ही देश में अमन-चैन ओर कौमी एकता को मजबूत करने की दुआ की गई।

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