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निराधनूं में स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे शुरू, ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक


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निराधनूं में स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे शुरू, ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक

निराधनूं में स्वामित्व योजना के तहत ड्रोन सर्वे शुरू, ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना हक

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : अंसार मुज्तर

निराधनूं : केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी स्वामित्व योजना के तहत मंगलवार को निराधनूं गांव में भारतीय सर्वेक्षण विभाग द्वारा ड्रोन सर्वे का कार्य शुरू किया गया। इस सर्वे के माध्यम से गांव के आबादी क्षेत्र का सटीक डिजिटल नक्शा तैयार किया जाएगा, जिसके आधार पर ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्तियों के डिजिटल पट्टे (मालिकाना हक) जारी किए जाएंगे। राजस्थान सरकार के पंचायतीराज विभाग द्वारा आबादी भूमि के डिजिटलीकरण कार्यक्रम को पहले ही मंजूरी दी जा चुकी है। ड्रोन तकनीक से तैयार होने वाले इस नक्शे में गांव के प्रत्येक भूखंड की सटीक लोकेशन, सीमा और आकार दर्ज किया जाएगा।

ड्रोन सर्वे से क्या होगा बदलाव:
डिजिटल नक्शा तैयार होने के बाद ग्राम पंचायत द्वारा प्रत्येक भूखंड एवं मकान की बाहरी सीमा का सत्यापन किया जाएगा। इसके बाद कब्जाधारियों से स्वामित्व संबंधी दस्तावेज लिए जाएंगे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। सभी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र व्यक्तियों को डिजिटल पक्का पट्टा जारी किया जाएगा, जिसकी एक प्रति पीडीएफ के रूप में भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

स्वामित्व योजना के प्रमुख लाभ: 
आवासीय संपत्तियों का मालिकाना हक मिलने से ग्रामीणों को बैंक ऋण सहित अन्य वित्तीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। स्पष्ट सीमा निर्धारण और डिजिटल रिकॉर्ड से अवैध कब्जों व आपसी विवादों में कमी आएगी तथा न्यायालयों में लंबित मामलों का निपटारा आसान होगा। ग्राम पंचायत के पास डिजिटल मानचित्र उपलब्ध होने से विकास कार्यों को गति मिलेगी और भवन निर्माण के लिए परमिट जारी करना सरल होगा। सटीक रिकॉर्ड से मिलेगी। ड्रोन सर्वे तकनीक के माध्यम से तैयार होने वाला यह डिजिटल मानचित्र भविष्य में वसूली, निर्माण कार्यों की स्वीकृति और अवैध कब्जों को हटाने जैसे कार्यों में सहायक सिद्ध होगा।

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