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अल्पआयु में अलीजा एवं आलिया सौंलकी माह-ए-रमजान में रोजा रखकर कर रही है अल्लाह की इबादत


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अल्पआयु में अलीजा एवं आलिया सौंलकी माह-ए-रमजान में रोजा रखकर कर रही है अल्लाह की इबादत

अल्पआयु में अलीजा एवं आलिया सौंलकी माह-ए-रमजान में रोजा रखकर कर रही है अल्लाह की इबादत

जनमानस शेखावाटी सवंददाता : मोहम्मद अली पठान

चूरू ‌: जिला मुख्यालय के वार्ड नं. 56 निवासी अलिजा आयु 4 वर्ष एवं आलिया सौंलकी आयु 7 वर्ष दोनों ही अल्पआयु में माह-ए-रमजान में रोजा रखकर कर रही है अल्लाह की इबादत। अलिजा के माता-पिता खतिजा अब्दुल अजीज ने बताया कि रमजान खुशियों और बरकतों का सबसे पवित्र महीना है, जिसे दुनिया भर के मुसलमान बहुत उत्साह ‌ खुशी से मनाते हैं। यह इस्लामी कैलेंडर का नौवां महीना है, जिसमें पूरे 30 दिनों तक रोज़े (उपवास) रखे जाते हैं। इस दौरान लोग सुबह सूरज निकलने से पहले ‘सेहरी’ और शाम को सूरज ढलने पर ‘इफ्तार’ करते हैं। यह महीना केवल भूखा रहने का नहीं, बल्कि आत्म-अनुशासन, धैर्य और अल्लाह की इबादत का समय है। रमजान में लोग कुरान पढ़ते हैं और अपनी गलतियों की माफी मांगते हैं। इस महीने में दान (जकात और सदका) का विशेष महत्व है, जिससे गरीबों और जरूरतमंदों की मदद की जाती है। महीने के अंत में चाँद दिखने पर ‘ईद-उल-फितर’ का त्यौहार मनाया जाता है, जो आपसी प्रेम, भाईचारे और खुशियों का प्रतीक है। माहे रमज़ान इस्लाम का सबसे पवित्र और बरकत वाला महीना है।

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