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सीकर अर्बन हाट में ‘राज सखी एवं उद्योग मेला’: विशेष बच्चों की मुस्कान और महिलाओं के हुनर का संगम घूमर और भवाई ने बांधा समां


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सीकर अर्बन हाट में ‘राज सखी एवं उद्योग मेला’: विशेष बच्चों की मुस्कान और महिलाओं के हुनर का संगम घूमर और भवाई ने बांधा समां

सीकर अर्बन हाट में ‘राज सखी एवं उद्योग मेला’: विशेष बच्चों की मुस्कान और महिलाओं के हुनर का संगम घूमर और भवाई ने बांधा समां

सीकर : शहर के अर्बन हाट सीकर में आयोजित ‘राज सखी एवं उद्योग मेला’ अपने पांचवें दिन सामाजिक समरसता और सहभागिता का अनूठा उदाहरण बन गया। मेले में नीमकाथाना और नेछवा क्षेत्र के स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के साथ ‘आशा का झरना’ संस्थान के विशेष योग्य बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सभी का मन मोह लिया।

खेलकूद और प्रतियोगिताओं में दिखा उत्साह

मेले में आयोजित खेलकूद गतिविधियों में विशेष योग्य बच्चों और महिलाओं के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। रस्साकशी, कुर्सी प्रतियोगिता और चम्मच दौड़ जैसी गतिविधियों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि बच्चों के आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। बच्चों ने पूरे उत्साह और खेल भावना के साथ भाग लेकर सभी को प्रेरित किया। वहीं महिलाओं की नृत्य प्रतियोगिता ने माहौल को और भी आनंदमय बना दिया।

अधिकारियों ने बढ़ाया हौसला

इस अवसर पर राजीविका सीकर की जिला परियोजना प्रबंधक (DPM) (राजीविका) सीकर की जिला परियोजना प्रबंधक अर्चना मौर्या ने कार्यक्रम में पहुंचकर बच्चों और महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विशेष योग्य बच्चों की प्रतिभा की सराहना करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया तथा विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए।

सांस्कृतिक संध्या बनी आकर्षण का केंद्र

मंगलवार शाम आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में राजस्थान की पारंपरिक पहचान ‘घूमर’ और संतुलन व साहस का प्रतीक ‘भवाई नृत्य’ मुख्य आकर्षण रहे। लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश की।

जिला उद्योग केन्द्र की महाप्रबंधक विकास सिहाग ने बताया कि मेले में एक जिला एक उत्पाद योजना के तहत आकर्षक वस्त्र, खाद्य सामग्री, सजावटी सामान, फैन्सी उत्पाद और मिट्टी के बर्तनों की विभिन्न दुकानें लगाई गई हैं। आगंतुकों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेकर मेले का आनंद लिया।

उन्होंने बताया कि 18 मार्च को प्रातः 11 बजे कलेक्ट्रेट स्थित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग कार्यालय में उद्योगपतियों के साथ संवाद, भूमि पूजन तथा निजी क्षेत्र में रोजगार पत्र वितरण विषयों पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी, जिसमें उद्योगपति और विभिन्न औद्योगिक संगठन भाग लेंगे। वहीं 19 मार्च को दिन में एक जिला एक उत्पाद विषय पर कार्यशाला तथा शाम 7 बजे से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।

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