बुहाना में एक साथ 95 भेड़ों की मौत:रातों-रात मरी भेड़ें, लाखों का नुकसान; बीमारी या जहर पर जांच
बुहाना में एक साथ 95 भेड़ों की मौत:रातों-रात मरी भेड़ें, लाखों का नुकसान; बीमारी या जहर पर जांच
बुहाना : झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड की ग्राम पंचायत झारोडा के गांव इस्माइलपुर में एक पशुपालक की करीब 95 भेड़ों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रातों-रात हुए इस भारी नुकसान से गांव में सनसनी फैल गई है और पीड़ित पशुपालक के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इस्माइलपुर के वार्ड नंबर 2 निवासी धर्मेंद्र पुत्र लोकराम शर्मा ने बताया कि वह रोज की तरह अपने पशुपालन के कार्य में लगे हुए थे। बीती रात उन्होंने सभी भेड़ों को बाड़े में चारा खिलाया था और सब कुछ सामान्य था। लेकिन सुबह जब वह बाड़े में पहुंचे तो वहां चारों ओर भेड़ों के शव पड़े मिले। यह देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

6 से 8 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान
पशुपालक धर्मेंद्र के अनुसार मृत भेड़ों की संख्या करीब 95 है। बाजार भाव के अनुसार इस नुकसान का आकलन 6 से 8 लाख रुपए के बीच किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। इस घटना से उनका पूरा व्यवसाय खत्म हो गया और परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है।

मौत के कारणों पर बना रहस्य
मृत भेड़ों के शरीर पर किसी प्रकार के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में जंगली जानवर के हमले की संभावना कम मानी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यह किसी संक्रामक बीमारी या चारे-पानी में किसी जहरीले पदार्थ के कारण भी हो सकता है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

ग्रामीणों ने जांच और मुआवजे की मांग की
घटना के बाद मृत पशुओं को ट्रैक्टर के जरिए दूसरी जगह ले जाकर डाला गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि मेडिकल टीम मौके पर भेजकर भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया जाए और मौत के कारणों की जांच की जाए। साथ ही पीड़ित पशुपालक को जल्द से जल्द उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी की गई है। धर्मेंद्र शर्मा ने प्रशासन से सहायता की गुहार लगाते हुए कहा कि इस घटना से उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
झुंझुनूं जिले के बुहाना उपखंड की ग्राम पंचायत झारोडा के गांव इस्माइलपुर में एक पशुपालक की करीब 95 भेड़ों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। रातों-रात हुए इस भारी नुकसान से गांव में सनसनी फैल गई है और पीड़ित पशुपालक के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है।
इस्माइलपुर के वार्ड नंबर 2 निवासी धर्मेंद्र पुत्र लोकराम शर्मा ने बताया कि वह रोज की तरह अपने पशुपालन के कार्य में लगे हुए थे। बीती रात उन्होंने सभी भेड़ों को बाड़े में चारा खिलाया था और सब कुछ सामान्य था। लेकिन सुबह जब वह बाड़े में पहुंचे तो वहां चारों ओर भेड़ों के शव पड़े मिले। यह देखकर उनके होश उड़ गए। घटना की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई।

6 से 8 लाख रुपए के नुकसान का अनुमान
पशुपालक धर्मेंद्र के अनुसार मृत भेड़ों की संख्या करीब 95 है। बाजार भाव के अनुसार इस नुकसान का आकलन 6 से 8 लाख रुपए के बीच किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पशुपालन ही उनके परिवार की आजीविका का मुख्य साधन था। इस घटना से उनका पूरा व्यवसाय खत्म हो गया और परिवार गहरे आर्थिक संकट में आ गया है।

मौत के कारणों पर बना रहस्य
मृत भेड़ों के शरीर पर किसी प्रकार के चोट या जख्म के निशान नहीं मिले हैं। ऐसे में जंगली जानवर के हमले की संभावना कम मानी जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार यह किसी संक्रामक बीमारी या चारे-पानी में किसी जहरीले पदार्थ के कारण भी हो सकता है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है।

ग्रामीणों ने जांच और मुआवजे की मांग की
घटना के बाद मृत पशुओं को ट्रैक्टर के जरिए दूसरी जगह ले जाकर डाला गया। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि मेडिकल टीम मौके पर भेजकर भेड़ों का पोस्टमार्टम कराया जाए और मौत के कारणों की जांच की जाए।
साथ ही पीड़ित पशुपालक को जल्द से जल्द उचित आर्थिक मुआवजा देने की मांग भी की गई है। धर्मेंद्र शर्मा ने प्रशासन से सहायता की गुहार लगाते हुए कहा कि इस घटना से उनका सब कुछ खत्म हो गया है।
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