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किसान नेता रामेश्वर सिंह बाबल का निधन:मेडिकल कॉलेज को दान की देह, 102 साल की उम्र हुआ निधन, बाबल ने हंसासर में ली अंतिम सांस


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किसान नेता रामेश्वर सिंह बाबल का निधन:मेडिकल कॉलेज को दान की देह, 102 साल की उम्र हुआ निधन, बाबल ने हंसासर में ली अंतिम सांस

किसान नेता रामेश्वर सिंह बाबल का निधन:मेडिकल कॉलेज को दान की देह, 102 साल की उम्र हुआ निधन, बाबल ने हंसासर में ली अंतिम सांस

झुंझुनूं : किसान आंदोलनों के एक मजबूत स्तंभ और सादगी की रामेश्वर सिंह बाबल का 102 वर्ष की आयु में निधन हो गया। मंगलवार, 3 मार्च 2026 को उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक जन सरोकारों से जुड़े रहने वाले बाबल ने मृत्यु के पश्चात भी समाज के प्रति अपना उत्तरदायित्व निभाया। उनकी इच्छानुसार, उनके पार्थिव शरीर को राजकीय मेडिकल कॉलेज, झुंझुनूं को दान कर दिया गया, ताकि भावी डॉक्टर उन पर रिसर्च कर सकें।

संघर्षों से भरा रहा जीवन: घासीराम से लेकर अमराराम तक का साथ, रामेश्वर बाबल का नाम शेखावाटी के किसान संघर्ष के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। वे वर्ष 1965 से ही भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) के सक्रिय सदस्य थे।

लेवी आंदोलन: उन्होंने किसान नेता घासीराम के नेतृत्व में चले ऐतिहासिक लेवी आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बिजली आंदोलन (2017): 90 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद, 2017 में सीकर सांसद अमराराम के नेतृत्व में हुए बड़े बिजली आंदोलन में उन्होंने अग्रिम पंक्ति में रहकर युवाओं का मार्गदर्शन किया।

मृत्यु के बाद भी ‘अमर’ रहने का संकल्प

बाबल ने जीते जी यह संकल्प लिया था कि उनकी मृत्यु के बाद उनकी देह का अंतिम संस्कार करने के बजाय उसे मेडिकल कॉलेज को सौंपा जाए। उनका मानना था कि एक किसान का शरीर यदि मृत्यु के बाद चिकित्सा विज्ञान के छात्रों के काम आ सके, तो इससे बड़ी राष्ट्र सेवा कोई और नहीं हो सकती।

मृत्यु के बाद कामरेड का देह मेडिकल कॉलेज झुंझुनू को दे दिया गया
मृत्यु के बाद कामरेड का देह मेडिकल कॉलेज झुंझुनू को दे दिया गया

अंतिम यात्रा में उमड़ा जनसैलाब

उनकी अंतिम यात्रा में न केवल उनके परिवार के सदस्य (2 बेटे और 5 बेटियां), बल्कि राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के कई दिग्गज शामिल हुए। सैकड़ों ग्रामीणों ने नम आंखों से विदाई दी।

अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब गांव और बाहर से आए लोग हुए शामिल
अंतिम यात्रा में उमड़ा जन सैलाब गांव और बाहर से आए लोग हुए शामिल

ये रहे मौजूद

फूलचंद बर्बर, सौरभ जानू (DYFI प्रदेश अध्यक्ष), राजेश बिजारनीय (सीपीआईएम जिला सचिव), महिपाल पूनिया (तहसील सचिव), राजेश बाबल व महेंद्र सिंह बाबल (सरपंच, हंसासर) मौजूद रहे।

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