खाटू मेला, दुकानदार बोला-20% भी नहीं बिका माल:रेस्ट हाउस संचालक ने कहा- मेंटेनेंस खर्चा भी नहीं निकल रहा, भीड़ कम रहने की 5 वजहें
खाटू मेला, दुकानदार बोला-20% भी नहीं बिका माल:रेस्ट हाउस संचालक ने कहा- मेंटेनेंस खर्चा भी नहीं निकल रहा, भीड़ कम रहने की 5 वजहें
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर :
‘मेले में भीड़ नहीं होने से मेंटेनेंस खर्चा भी बमुश्किल निकल रहा है।’
‘बच्चों के खिलौनों का माल अभी तक 20 प्रतिशत भी नहीं बिका है।’
यह कहना है खाटू मेले में रेस्ट हाउस संचालकों और दुकानदारों का। बाबा खाटूश्यामजी के मेले में इस बार भीड़ कम है। होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में कमरे खाली हैं। खाटू में श्रद्धालुओं की कमी से व्यापार भी प्रभावित हुआ है। हालांकि, प्रशासन और श्रीश्याम मंदिर कमेटी मेले के छठे दिन 26 फरवरी की दोपहर तक 10 लाख 35 हजार भक्तों के आने का दावा कर रहे हैं।
लेकिन, विशेषज्ञ इस आंकड़े को मानने को तैयार नहीं हैं। एक ओर जहां खाटू कस्बे में आम दिनों में होटल, गेस्ट हाउस और धर्मशालाओं में कमरों के लिए मारामारी रहती है, तो वहीं, इस बार इनमें से ज्यादातर जगहों पर कमरों की 50% ऑक्यूपेंसी भी नहीं है।
बहुत ही मंदा काम चल रहा है
रेस्ट हाउस संचालक मुकेश गढ़वाल ने निराशा जताते हुए कहा- इस बार तो बहुत ही मंदा काम चल रहा है। मेंटेनेंस खर्चा भी बमुश्किल निकल रहा है। मेला इस समय पीक पर होता है, और इस समय तो सभी होटलें फुल हो जाती थीं। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। ज्यादा भीड़भाड़ भी नहीं दिख रही है, सब कुछ सुनसान सा ही है।
गलियों में घूम रहे, फिर सामान भी नहीं बिक रहा
रेहड़ी-ठेले वाले हेमराज भास्कर ने कहा- मेले में इस बार भीड़ बहुत कम नजर आ रही है। खरीददारी भी बहुत कम हो रही है। हम गलियों में घूम रहे फिर सामान भी नहीं बिक रहा है। हमारा माल ऐसे ही पड़ा हुआ है। अभी तक 20 प्रतिशत माल भी नहीं बिका है। इस बार हमारा माल बिका तो बाबा की कृपा होगी। हो सकता अगले 2 दिनों में भीड़ आ जाए।
व्यापार भी धीमा पड़ा है, श्रद्धालु इस बार कम रुक रहे हैं
होटल संचालक पवन पुजारी ने कहा- मैं यह नहीं कहता कि भीड़ कम है। मुझे लगता है कि भीड़ बंट गई है, जिसके चलते व्यापार भी धीमा पड़ा है। मुझे ऐसा लग रहा है कि श्रद्धालु इस बार कम रुक रहे हैं, वे सीधा दर्शन करने के बाद निकल रहे हैं। बाकी मेला बहुत शांति से चल रहा है।

मेला फीका रहने के 5 बड़े कारण
- 45 किमी. पैदल चलने की अफवाह: पड़ताल में सामने आया कि सोशल मीडिया रील्स का आजकल चलन है। दूर से आने वाले श्रद्धालु आम दिनों में इन्हीं रील्स के जरिए बाबा श्याम के दर्शन करते हैं। लेकिन इस बार मेले से पहले वायरल हुई रील्स में श्याम बाबा के दर्शन से पहले 45 किमी. पैदल चलने की बात कही गई, जिससे श्रद्धालुओं में एक भय बन गया। प्रशासन और मंदिर कमेटी इस भ्रम को दूर नहीं कर पाई।
- खाटू-जयपुर प्राइवेट बसों की हड़ताल: मेला शुरू होने के ठीक 2 दिन बाद खाटू से जयपुर आने-जाने वाली बसों की 23 फरवरी से हड़ताल हो गई। बस ऑपरेटरों का कहना था कि मेले के दौरान उन्हें जयपुर में सिंधी कैंप तक जाने की इजाजत मिलनी चाहिए, क्योंकि अभी हीरापुरा तक जाने की इजाजत है। जबकि श्रद्धालु सिंधी कैंप तक जाने की जिद करते हैं और ऐसा न करने पर मारपीट करते हैं।
- राजस्थान बोर्ड और CBSE बोर्ड परीक्षाएं: राजस्थान बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं, जिसका असर खाटू मेले में भी देखने को मिल रहा है। परीक्षाओं के चलते न केवल छात्र, बल्कि उनके माता-पिता भी खाटू आने से परहेज कर रहे हैं।
- चारों पार्किंग की खाटू कस्बे से दूरी:खाटू आने वाले श्रद्धालुओं को अपने वाहन 4 पार्किंग स्थलों पर खड़े करने पड़ रहे हैं। ये पार्किंग स्थल 52 बीघा, सांवलपुरा, श्याम पाठशाला (दांता रोड), और सीतारामपुरा (रेनवाल रोड) में बनाए गए हैं। इन चारों पार्किंग स्थलों की खाटू कस्बे से दूरी 2 से 4 किलोमीटर तक है, जिसके चलते श्रद्धालुओं ने मेले की बजाय आम दिनों में खाटू आने को अधिक महत्व दिया।
- जगह-जगह रास्ते रोकना: खाटू में मेले के दौरान रुकने के लिए आने वाले भक्तों को जगह-जगह रोका जा रहा है। अत्यधिक बेरिकेडिंग के कारण श्रद्धालु रुकने की बजाय लगातार आगे बढ़ रहे हैं, जिससे मेले में भीड़ कम हो रही है।
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