विधायक पितराम सिंह काला ने विधानसभा में पुरजोर ढंग से उठाई किसानों की समस्याएं
पानी, आवारा पशु, फसल बीमा और यमुना नहर को लेकर सरकार से की ठोस कार्रवाई की मांग
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : निरंजन सैन
पिलानी : पिलानी विधानसभा क्षेत्र के विधायक पितराम सिंह काला ने आज राजस्थान विधानसभा में किसानों से जुड़ी ज्वलंत समस्याओं को गंभीरता और मजबूती से सदन के पटल पर रखा। उन्होंने अपने प्रभावशाली अभिभाषण में पिलानी सहित समूचे शेखावाटी क्षेत्र में कृषि क्षेत्र की चुनौतियों को विस्तार से उठाते हुए सरकार का ध्यान किसानों की ओर आकर्षित किया।
विधायक काला ने कहा कि क्षेत्र में पानी की भारी कमी के कारण किसान लगातार संकट का सामना कर रहे हैं। सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने से फसल उत्पादन प्रभावित हो रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है। उन्होंने किसानों के हित में कुंड एवं डिग्गी निर्माण के लिए बजट प्रावधान बढ़ाने की मांग की, ताकि वर्षा जल संचयन को बढ़ावा मिल सके और सिंचाई की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित हो सके।
आवारा सांडों से फसलों को भारी नुकसान
सदन में विधायक काला ने आवारा सांडों द्वारा फसलों को पहुंचाए जा रहे नुकसान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने सुझाव दिया कि गौशालाओं में कम से कम 5 प्रतिशत सांडों को रखना अनिवार्य किया जाए, ताकि खेतों में हो रहे नुकसान को रोका जा सके और किसानों को राहत मिल सके।
बीमा कंपनियों की मनमानी पर कड़ा रुख
फसल बीमा के मामलों में बीमा कंपनियों द्वारा की जा रही कथित मनमानी पर भी विधायक काला ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक आपदा या नुकसान की स्थिति में किसानों को समय पर और उचित मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। इस पर उन्होंने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए बीमा कंपनियों की जवाबदेही तय करने के लिए ठोस नीति बनाने का सुझाव दिया।
यमुना नहर का पानी शेखावाटी को दिलाने की मांग
विधायक काला ने शेखावाटी क्षेत्र को यमुना नहर का पानी शीघ्र उपलब्ध करवाने की पुरजोर मांग भी सदन में रखी। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र को नियमित रूप से नहर का पानी उपलब्ध हो जाए तो किसानों की अधिकांश समस्याएं स्वतः समाप्त हो सकती हैं और कृषि क्षेत्र में नई ऊर्जा का संचार होगा।
अंत में विधायक काला ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता होना चाहिए, क्योंकि कृषि ही देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनके वक्तव्य को सदन में गंभीरता से सुना गया और संबंधित मंत्रियों से आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन भी मिला।
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