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रिटायर्ड होने के बाद भी हमारे अंदर अनुशासन और देशप्रेम:वक्ता बोले- ये दिन वीर साथियों की याद दिला रहा; सेना की यूनिट का कॉर्प्स डे मनाया


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झुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

रिटायर्ड होने के बाद भी हमारे अंदर अनुशासन और देशप्रेम:वक्ता बोले- ये दिन वीर साथियों की याद दिला रहा; सेना की यूनिट का कॉर्प्स डे मनाया

रिटायर्ड होने के बाद भी हमारे अंदर अनुशासन और देशप्रेम:वक्ता बोले- ये दिन वीर साथियों की याद दिला रहा; सेना की यूनिट का कॉर्प्स डे मनाया

झुंझुनूं : भारतीय सेना की इकाई ‘कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स’ का 116वां कॉर्प्स डे रविवार को झुंझुनूं में मनाया गया। रिटायर्ड सिग्नलर्स कल्याण समिति के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले भर से आए पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पर इकठ्ठा होकर वीरों को याद किया।

कार्यक्रम की शुरुआत शहीद स्मारक पर पुष्प चक्र अर्पित करने के साथ हुई। पूर्व सैनिकों ने कतारबद्ध होकर शहीद वेदी पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर अपने साथी शहीदों के बलिदान को याद किया। इस दौरान वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स अमर रहे’ के नारे लगाए। बता दें कि कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स सेना की युद्धक रणनीति, सूचना तंत्र और संचार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

एक होकर रहने की अपील

सूबेदार राजवीर सिंह पूनिया ने कहा- आज हमारे कॉर्प्स का 116वां स्थापना दिवस है। यह दिन हमें उन वीर साथियों की याद दिलाता है जिन्होंने देश की अखंडता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। हमारा उद्देश्य न केवल शहीदों को याद करना है, बल्कि पूर्व सैनिकों के परिवार को एक सूत्र में पिरो कर रखना भी है।

बोले- हम सेना का तकनीकी स्तंभ

सूबेदार मेजर ऑनरेरी कैप्टन धूड़सिंह धायल- कॉर्प्स ऑफ सिग्नल्स भारतीय सेना का तकनीकी स्तंभ है। सेवानिवृत्ति के बाद भी हमारे भीतर वही अनुशासन और राष्ट्रप्रेम की भावना है। आज हमने अपनी समस्याओं पर चर्चा की है और हम एकजुट होकर एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।

रिटायर्ड सिग्नलर्स कल्याण समिति के सदस्यों ने कहा- युद्ध हो या शांति का समय, संचार व्यवस्था को सुचारू रखना सेना की सफलता की पहली शर्त होती है और सिग्नलर्स इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाते हैं। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने सेना में बिताए अपने अनुभवों को साझा किया। रिटायर्ड सैनिकों की समस्याओं और कल्याणकारी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। आपसी समन्वय बढ़ाकर संगठन को और मजबूत करने का संकल्प लिया गया।

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