वीर सावरकर आयोजन समिति का विराट हिंदू सम्मेलन संपन्न
बिखरे हिंदुओं को संगठित होने की आवश्यकता – चंद्रमादास महाराज; भारत को श्रेष्ठ बनाने के लिए हिंदुओं को एक होना होगा – प्रीतम सिंह
जनमानस शेखावाटी सवंददाता : नैना शेखावत
सीकर : वीर सावरकर आयोजन समिति की ओर से रविवार को सीकर शहर में रानी सती पुलिस चौकी के सामने विराट हिंदू सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में करणी गौधाम पालवास के संत चंद्रमादास महाराज का सान्निध्य रहा, जबकि मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यवाहक प्रीतम सिंह बड़गुजर उपस्थित रहे। मातृशक्ति वक्ता के रूप में संगीता जांगिड़ ने विचार रखे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आयोजन समिति अध्यक्ष शंकर सिंह उग्रावत ने की।
सम्मेलन का शुभारंभ मां भारती के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इससे पूर्व आयोजन समिति की ओर से शहर के तीन प्रमुख मार्गों से डीजे के साथ शोभायात्रा निकाली गई। सम्मेलन स्थल पर 11 कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवत्स्वरूप एवं महापुरुषों की वेशभूषा में जीवंत झांकियां प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। कलाकार अभिषेक मिश्रा ने भजनों की प्रस्तुति देकर वातावरण को धर्ममय बना दिया। कार्यक्रम का संचालन सीए उदेश घासोलिया ने किया।
हिंदुओं को परिवार की तरह एक होना होगा – चंद्रमादास महाराज
संत चंद्रमादास महाराज ने कहा कि भारत में बिखरे हुए हिंदुओं को संगठित होकर एक होने की अत्यंत आवश्यकता है। जैसे परिवार में सभी एकजुट रहते हैं, उसी प्रकार हिंदू समाज को भी एक होना होगा। उन्होंने कहा कि पहले बुजुर्ग बच्चों को परिवार का महत्व सिखाते थे, आज बच्चे रील बनाना सीख रहे हैं, जिसे बदलना होगा।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि धर्मग्रंथ सीखने के साथ-साथ एक हाथ में माला और एक हाथ में भाला रखने की भावना विकसित करनी होगी। उन्होंने गाय संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि गाय को बचाना, उसे राष्ट्रीय दर्जा दिलाना और गौहत्या बंद कराना सभी हिंदुओं का दायित्व है। इसके लिए 26 अप्रैल को केंद्र व राज्य सरकारों से एक साथ आग्रह किया जाएगा।

जाति-छुआछूत मिटाकर ही बनेगा श्रेष्ठ भारत – प्रीतम सिंह
मुख्य वक्ता प्रीतम सिंह ने कहा कि जाति और छुआछूत को मिटाकर ही भारत को श्रेष्ठ बनाया जा सकता है। छुआछूत महापाप है। जो भारत को माता मानता है, वही हिंदू है। उन्होंने कहा कि भारत की पारंपरिक परिवार व्यवस्था कमजोर हो रही है, जिसे फिर से मजबूत करना होगा। उन्होंने सभी से संकल्प लेने का आह्वान किया कि हिंदुओं की दिशा और दशा बदलने के लिए निरंतर कार्य करेंगे।
संगठन में ही शक्ति – संगीता जांगिड़
मातृशक्ति वक्ता संगीता जांगिड़ ने कहा कि वर्तमान समय में हिंदुओं को संगठित होने की सबसे अधिक आवश्यकता है। संगठन में ही शक्ति है और हिंदू सम्मेलन इसी उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने परिवार एवं समाज को जोड़ने में मातृशक्ति की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति अध्यक्ष शंकर सिंह उग्रावत ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों का आभार व्यक्त किया। अतिथियों द्वारा जीवंत झांकियां प्रस्तुत करने वाले बच्चों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
सम्मेलन में अर्जुनलाल घासोलिया, एडवोकेट निर्मल शर्मा, हनुमान दीक्षित, सचिन शर्मा, महेंद्र जोगाणी, नवरंग शर्मा, राजेंद्र पारीक, सुरेश सैनी, जगदेव सिंह पंवार, हेमंत मिश्रा, नरेंद्र सिंह सोलंकी, सज्जन गाड़ोदिया, गिरीश प्रधान, मनोज माथुर, शालिनी माथुर, जयप्रकाश सैनी, गोपाल सिंह बड़गुजर, प्रदीप अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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