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झुंझुनूं में वकील हुए आमने-सामने:एक पक्ष बोला- रेवेन्यू केस उदयपुरवाटी शिफ्ट हों; दूसरे ने कहा- ये मांग अनुचित


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झुंझुनूं में वकील हुए आमने-सामने:एक पक्ष बोला- रेवेन्यू केस उदयपुरवाटी शिफ्ट हों; दूसरे ने कहा- ये मांग अनुचित

झुंझुनूं में वकील हुए आमने-सामने:एक पक्ष बोला- रेवेन्यू केस उदयपुरवाटी शिफ्ट हों; दूसरे ने कहा- ये मांग अनुचित

झुंझुनूं : राजस्व मामलों के क्षेत्राधिकार को लेकर झुंझुनूं मुख्यालय के वकीलों का धरना शनिवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। वकीलों ने पूर्णतः कार्य बहिष्कार रखा, जिससे कोर्ट परिसर में सन्नाटा पसरा रहा और दूर-दराज से आए पक्षकारों को बिना सुनवाई के ही वापस लौटना पड़ा।

विवाद की मुख्य जड़ गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों का स्थानांतरण है। उदयपुरवाटी के वकील मांग कर रहे हैं कि गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के सभी राजस्व मामलों की सुनवाई उदयपुरवाटी में की जाए। वहीं, झुंझुनूं मुख्यालय के वकील इस मांग का विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि यह मांग न केवल अनुचित है, बल्कि आम जनता के हितों के खिलाफ भी है।

धरने में मौजूद झुंझुनू के अधिवक्ता
धरने में मौजूद झुंझुनू के अधिवक्ता

किसी भी सूरत में मंजूर नहीं

धरने पर बैठे वकीलों ने कहा कि गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के प्रकरणों को झुंझुनूं से हटाना किसी भी सूरत में मंजूर नहीं किया जाएगा। वकीलों का कहना है कि वर्ष 2023 से ही गुढ़ागौड़जी क्षेत्र के राजस्व मामलों की सुनवाई सुचारू रूप से झुंझुनूं मुख्यालय पर हो रही है। अब इसमें बदलाव का कोई तार्किक आधार नहीं है।

झुंझुनूं जिला मुख्यालय होने के नाते यहां वकीलों और पक्षकारों के लिए हर प्रकार की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। यहां पहुंचना और कानूनी प्रक्रिया को पूरा करना अधिक सुगम है। वकीलों ने दावा किया कि गुढ़ागौड़जी क्षेत्र की जनता भी यही चाहती है कि उनके मामलों की सुनवाई झुंझुनूं में ही हो, क्योंकि यहां उन्हें बेहतर कनेक्टिविटी और संसाधन मिलते हैं।

कार्य बहिष्कार कर धरने पर बैठे

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन मोरवाल ने कहा कि उदयपुरवाटी के अधिवक्ताओं द्वारा की जा रही मांग पूरी तरह आधारहीन है। हम किसी भी प्रकरण को यहां से स्थानांतरित नहीं होने देंगे। जब तक प्रशासन हमारी मांगें नहीं मानता, कार्य बहिष्कार जारी रहेगा।

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