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अगवाना खुर्द स्कूल में 12 दिन बाद विरोध खत्म:स्टूडेंट्स ने पढ़ाई शुरू करने पर सहमति जताई, भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर को लेकर चल रहा था धरना


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अगवाना खुर्द स्कूल में 12 दिन बाद विरोध खत्म:स्टूडेंट्स ने पढ़ाई शुरू करने पर सहमति जताई, भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर को लेकर चल रहा था धरना

अगवाना खुर्द स्कूल में 12 दिन बाद विरोध खत्म:स्टूडेंट्स ने पढ़ाई शुरू करने पर सहमति जताई, भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर को लेकर चल रहा था धरना

सूरजगढ़ : सूरजगढ़ ब्लॉक के अगवाना खुर्द स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में भूगोल व्याख्याता अनिल कुमार के ट्रांसफर को लेकर 12 दिनों से चला आ रहा विरोध समाप्त हो गया है। शिक्षा विभाग, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों की संयुक्त पहल के बाद छात्रों ने स्कूल लौटने पर सहमति व्यक्त की है। अब स्कूल में नियमित रूप से पढ़ाई शुरू होगी, जिससे बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स को राहत मिली है।

11 जनवरी को दिया था धरना

भूगोल व्याख्याता के ट्रांसफर के बाद 11 जनवरी से विद्यार्थियों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था। इसके कारण लगभग 12 दिनों तक स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित रहीं और छात्रों की पढ़ाई बाधित हुई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिक्षा विभाग की टीम लगातार गांव में सक्रिय रही। उन्होंने घर-घर जाकर छात्रों और अभिभावकों से संवाद किया। विभागीय उच्च अधिकारियों के निर्देश पर मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बसंता देवी और सहायक मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अनिल शर्मा अगवाना खुर्द पहुंचे। उन्होंने स्टूडेंट्स से सीधा संवाद कर शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रखने पर जोर दिया।

इस पूरे मामले में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के नेता दिनेश सहारण की मध्यस्थता भी महत्वपूर्ण रही। उन्होंने बताया कि पार्टी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने भी इस मुद्दे पर जिला कलेक्टर से चर्चा की थी। गुरुवार को दिनेश सहारण के गांव पहुंचने के बाद प्रशासन, अभिभावकों और स्टूडेंट्स के बीच सहमति बनी, जिसके बाद छात्रों ने स्वयं विरोध समाप्त करने का निर्णय लिया।

एसीबीईओ अनिल शर्मा ने बताया कि स्कूल स्टाफ की बैठक लेकर पढ़ाई को गति देने और परीक्षा परिणाम बेहतर करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही समय-समय पर स्कूल का निरीक्षण कर छात्रों की शैक्षणिक प्रगति पर नजर रखी जाएगी। स्कूल में नियमित पढ़ाई फिर से शुरू होने से शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लौट आएगी।

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