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राजस्थान-सरकारी हॉस्पिटल के बच्चों के वार्ड में आग, मासूम फंसे:धुएं-लपटों के बीच बच्चों को लेकर भागे माता-पिता, नवजातों को नहीं आ रही थी सांस


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राजस्थान-सरकारी हॉस्पिटल के बच्चों के वार्ड में आग, मासूम फंसे:धुएं-लपटों के बीच बच्चों को लेकर भागे माता-पिता, नवजातों को नहीं आ रही थी सांस

राजस्थान-सरकारी हॉस्पिटल के बच्चों के वार्ड में आग, मासूम फंसे:धुएं-लपटों के बीच बच्चों को लेकर भागे माता-पिता, नवजातों को नहीं आ रही थी सांस

चूरू : चूरू के सबसे बड़ी सरकारी हॉस्पिटल में बच्चों के वार्ड में आग लग गई। कुछ मिनटों में पूरा वार्ड धुएं से भर गया। इस बीच माता-पिता अपने मासूमों को बचाने के लिए दौड़े। मौके मौजूद डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ की मदद वार्ड में फंसे 15 मासूमों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया। हादसा बुधवार सुबह 7.15 बजे डीबी हॉस्पिटल की मातृ-शिशु इकाई के वार्ड में हुआ था। यह आग बिजली के बोर्ड में शॉर्ट सर्किट से लगी।

प्लग लगाते ही शॉर्ट सर्किट, आग फैली

जानकारी के अनुसार वार्ड में हादसे के दौरान 15 बच्चे एडमिट थे। सुबह एक मासूम की मां ने नेबुलाइजर मशीन को ऑन करने के लिए जैसे ही प्लग लगाया तो शॉर्ट सर्किट हो गया। इसके बाद बिजली के बोर्ड में आग लग गई। कुछ मिनटों में ही पूरा वार्ड धुएं और आग की लपटों से भर गया। इसके बाद वार्ड में अफरा-तफरी मच गई।

निमोनिया से पीड़ित 15 बच्चे भर्ती थे

मौके पर मौजूद मेडिकल स्टाफ ने परिजनों की मदद से सबसे पहले यहां से बच्चों को पास के वार्ड में शिफ्ट किया गया। इसके बाद अग्निशमन यंत्रों की मदद से आग बुझाने की कोशिश की गई। करीब 8 बजे वार्ड में लगी आग को बुझा लिया गया। स्टाफ का कहना है कि यदि आग फैलती तो ऑक्सीजन लाइनों के कारण पूरे अस्पताल को अपनी चपेट में ले सकती थी। वार्ड में ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सिद्धार्थ ने बताया कि वह नाइट ड्यूटी में स्टाफ के साथ थे। सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था। वार्ड को भी ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है।

बिजली बोर्ड में आग लगने के कारण कई मेडिकल उपकरण भी यहां बंद हो गए थे। इस कारण भी यहां से बच्चों शिफ्ट किया गया।
बिजली बोर्ड में आग लगने के कारण कई मेडिकल उपकरण भी यहां बंद हो गए थे। इस कारण भी यहां से बच्चों शिफ्ट किया गया।

3 साल पहले गिर गई थी फॉल सीलिंग

अस्पताल स्टाफ ने पहले भी शॉर्ट सर्किट की घटनाओं के बारे में अधिकारियों को सूचित किया था, लेकिन पैनल बोर्ड को दुरुस्त करने का कोई प्रयास नहीं किया गया। करीब 3 साल पहले पीडिएट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट (PICU) वार्ड की फॉल सीलिंग गिर गई थी, जिसे अभी तक ठीक नहीं करवाया गया है। स्टाफ ने बिजली के दो पैनल बोर्ड बदलने की शिकायत भी की थी, जो अभी तक नहीं बदले गए हैं। आग लगने की जानकारी के बाद जिला कलेक्टर अभिषेक सुराणा सहित दूसरे अधिकारी भी पहुंचे।

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