राजस्थानी सिनेमा शौर्य–सम्मान और लोक संस्कृति की आत्मा है : गोविंदसिंह राजपूत
श्री करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का आधिकारिक मेनिफेस्टो जारी
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : श्री करणी सेना फिल्म एसोसिएशन राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह राजपूत ने कहा है कि राजस्थानी सिनेमा केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि यह राणा–राव की परंपरा, पगड़ी–प्राण का स्वाभिमान, शौर्य–सम्मान और लोक संस्कृति की आत्मा है। इसी अस्मिता की रक्षा और सशक्तिकरण के लिए यह एसोसिएशन प्रतिबद्ध है। राजपूत ने श्री करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का आधिकारिक मेनिफेस्टो जारी करते हुए कहा कि मरुधरा की वीर भूमि राजस्थान से निकली श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना देश का सबसे पुराना, संघर्षशील और स्वाभिमानी संगठन है, जिसकी 22 राज्यों में सशक्त एवं मज़बूत उपस्थिति है। गोविन्द सिंह राजपूत ने कहा कि उसी गौरवशाली संगठन के संरक्षण, मार्गदर्शन और विचारधारा के अंतर्गत श्री करणी सेना फिल्म एसोसिएशन का गठन किया गया है।
यह एसोसिएशन शहीद सुखदेव सिंह गोगामेड़ी, उजागर सिंह एवं शीला शेखावत के आदेश, मार्गदर्शन और आशीर्वाद से अस्तित्व में आई है। राजपूत ने कहा कि राजस्थानी फिल्मों में इतिहास, संस्कृति और महापुरुषों की शुद्ध, गरिमामयी एवं तथ्यात्मक प्रस्तुति सुनिश्चित की जाएगी। कलाकारों, लेखकों, निर्देशकों, तकनीशियनों एवं फिल्म से जुड़े प्रत्येक कर्मी को सम्मान, सुरक्षा और न्याय दिलाने के लिए संगठन मजबूती से खड़ा रहेगा।
राजस्थान सरकार से मिलने वाली सभी सुविधाओं, योजनाओं एवं लाभों को संगठन के सदस्यों तक प्राथमिकता से पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजस्थान में बाहर से आने वाली फिल्म शूटिंग में स्थानीय कलाकारों व तकनीशियनों को प्राथमिक अवसर दिलाने हेतु संगठित पहल की जाएगी। उन्होंने बताया कि एग्रीमेंट के अंतर्गत किए गए कार्यों में किसी भी प्रकार के वाद–विवाद या शोषण की स्थिति में संगठन अपने सदस्य के साथ कानूनी एवं संगठनात्मक रूप से खड़ा रहेगा।
शूटिंग लोकेशन पर किसी भी महिला कलाकार या संगठन सदस्य के साथ अभद्रता या विवाद की स्थिति में श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना की जिला कार्यकारिणी स्थिति के अनुसार तत्काल सुरक्षा एवं हस्तक्षेप सुनिश्चित करेगी। साथ ही राजस्थान में बाहर से आने वाले शूट में कम से कम 30 प्रतिशत अवसर स्थानीय कलाकारों को दिलाने का प्रयास किया जाएगा। राजपूत ने कहा कि राजस्थानी फिल्मों को सिनेमा हॉल उपलब्ध कराने तथा दल राजस्थानी सिनेमा के लिए न्यूनतम 56 शो सुनिश्चित करने हेतु सरकार एवं संबंधित संस्थाओं से संवाद व संघर्ष किया जाएगा।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19





Total views : 2009257


