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झुंझुनूं जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए समर्पित सामाजिक संस्था ‘एफर्ट्स’ को मिला अब तक का सबसे बड़ा दान


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झुंझुनूं जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए समर्पित सामाजिक संस्था ‘एफर्ट्स’ को मिला अब तक का सबसे बड़ा दान

झुंझुनूं जिले में शिक्षा के क्षेत्र में अनुसूचित जाति के उत्थान के लिए समर्पित सामाजिक संस्था 'एफर्ट्स' को मिला अब तक का सबसे बड़ा दान

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : अंसार मुज्तर

झुंझुनूं : सामाजिक संस्था एफर्ट्स समाजोत्थान, जो झुंझुनूं जिले में अनुसूचित जाति के बच्चों की शिक्षा और समाजोन्नयन के लिए लगातार कार्यरत है, को एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक सहयोग प्राप्त हुआ है। प्रसिद्ध चीफ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मनोज सरोवा (भंडारी हॉस्पिटल, जयपुर) तथा उनकी पत्नी डॉ. आशु कायल (सीनियर डर्मेटोलॉजिस्ट एवं कॉस्मेटोलॉजिस्ट, मैट्रिक्स हॉस्पिटल, जयपुर) ने अपनी लाड़ली बेटी मिराली सरोवा के जन्मदिन के पावन अवसर पर संस्था को 1,10,000 रुपये (एक लाख दस हजार रुपये) का एकमुश्त सबसे बड़ा दान प्रदान किया है। यह एफर्ट्स के इतिहास में अब तक प्राप्त सबसे बड़ा योगदान है, जो संस्था के कार्यों को और मजबूती प्रदान करेगा।

एफर्ट्स कोर कमेटी के सदस्य सीताराम बास बुडाना ने बताया कि डॉ. मनोज सरोवा, जो डॉ. महेश सरोवा के बड़े भाई हैं, समाज में अपनी सेवाभावी छवि के लिए जाने जाते हैं। वे समाज की आन-बान-शान तथा सच्चे समाजसेवी के रूप में विख्यात हैं। इस उदार सहयोग से संस्था के शिक्षा संबंधी कार्यक्रमों को नई गति मिलेगी, खासकर अनुसूचित जाति के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए। एफर्ट्स परिवार ने डॉ. मनोज सरोवा एवं डॉ. आशु कायल के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया है। साथ ही, दूरभाष के माध्यम से लाड़ली मिराली सरोवा को उनके जन्मदिन पर ढेरों बधाइयाँ एवं शुभकामनाएँ दी गईं। यह दान न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि समाज के प्रति संवेदनशीलता और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। एफर्ट्स जैसी संस्थाएँ ऐसे उदार दानदाताओं के सहयोग से ही अपने लक्ष्यों को हासिल कर पाती हैं।

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