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चारावास में सालों से अधूरी 200 मीटर सड़क बनी आमजन की मुसीबत, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश


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चारावास में सालों से अधूरी 200 मीटर सड़क बनी आमजन की मुसीबत, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश

पीएचसी, स्कूल और बस स्टैंड को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बदहाल; प्रशासन पर लापरवाही के आरोप, ग्रामीणों ने किया विरोध प्रदर्शन

जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा

खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के चारावास गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और मुख्य बस स्टैंड से होते हुए नंगली सलेदी सिंह और चनाना जाने वाली मुख्य सड़क का करीब 200 मीटर हिस्सा सालों से अधूरा और क्षतिग्रस्त पड़ा है। सोमवार को इंद्राज सिंह बोराण और जितेंद्र जांगिड़ के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पटवार घर के पास प्रदर्शन कर इस सड़क के निर्माण की मांग उठाई।

200 मीटर का टुकड़ा अधूरा छोड़ा

ग्रामीणों ने बताया कि जब इस सड़क का निर्माण किया गया था, तब गांव के बीचों-बीच यह 200 मीटर का टुकड़ा अधूरा छोड़ दिया गया था। यह अधूरा हिस्सा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, राजकीय स्कूल और मुख्य बस स्टैंड जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को जोड़ता है, जिससे पूरे रास्ता पर आवाजाही बाधित रहता है और ग्रामीणों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

सड़क पर गड्ढे और कच्चा हिस्सा होने के कारण दुपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर चोटिल हो जाते हैं। कई बार गंभीर हादसे होते-होते बचे हैं। इसके अलावा, सड़क के अधूरे और क्षतिग्रस्त होने से लगातार धूल उड़ती रहती है। इससे आसपास के घरों में धूल भर जाती है और ग्रामीणों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। पास स्थित राजकीय स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की पढ़ाई भी धूल के कारण प्रभावित हो रही है।

ग्रामीण बोले- शिकायत के बाद भी ठोस कार्रवाई नहीं

ग्रामीणों के अनुसार कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने अपने खर्चे से सड़क को दुरुस्त करने का प्रयास भी किया था, लेकिन यह मुख्य मार्ग होने के कारण भारी वाहनों और डंपरों की आवाजाही से दबाए गए पत्थर टूट गए और सड़क फिर से बदहाल हो गई। धूल कम करने के लिए ग्रामीणों को बार-बार पानी का छिड़काव करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी दी

प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अधूरी 200 मीटर सड़क का निर्माण और क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत नहीं कराई गई, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। इस प्रदर्शन में हजारीलाल शर्मा, हवलदार नत्थूसिंह, महेश बांगड़वा, विक्रम खुड़ीवाल, शंकर लाल, प्रहलाद बांगड़वा, अंतरचंद जांगिड़, प्यारेलाल चाहर, रघुराम, दुर्गा प्रसाद, जितेंद्र महला, ओम प्रकाश मिठारवाल और मनोज जांगिड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल रहे।

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