[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

पचलंगी के कुछ हिस्से को तेजाजी-ढहर में करने की मांग:ग्राम पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद उठा मुद्दा, ग्रामीण बोले- सीमा निर्धारण में कुछ हिस्सा गलत हटा दिया गया


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
उदयपुरवाटीझुंझुनूंटॉप न्यूज़राजस्थानराज्य

पचलंगी के कुछ हिस्से को तेजाजी-ढहर में करने की मांग:ग्राम पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद उठा मुद्दा, ग्रामीण बोले- सीमा निर्धारण में कुछ हिस्सा गलत हटा दिया गया

पचलंगी के कुछ हिस्से को तेजाजी-ढहर में करने की मांग:ग्राम पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद उठा मुद्दा, ग्रामीण बोले- सीमा निर्धारण में कुछ हिस्सा गलत हटा दिया गया

उदयपुरवाटी : तेजाजी नगर के ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखंड अधिकारी (एसडीओ) कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने मांग की कि पचलंगी राजस्व क्षेत्र से कुछ भू-भाग को हटाकर तेजाजी ढहर में शामिल किया जाए। ग्रामीणों ने कहा कि यह इलाका ऐतिहासिक तौर पर तेजाजी ढहर का हिस्सा है और इसे नवगठित ग्राम पंचायत के क्षेत्राधिकार से बाहर करना उचित नहीं है।

ग्राम पंचायत पुनर्गठन के बाद सामने आई स्थिति

ग्रामीणों ने बताया कि यह मुद्दा हाल ही में हुई ग्राम पंचायत पुनर्गठन प्रक्रिया के बाद उत्पन्न हुआ है। वर्तमान में नवगठित ग्राम पंचायतों में वार्डों का गठन और सीमा निर्धारण का कार्य चल रहा है, जिसके दौरान तेजाजी ढहर के खसरा नंबर 1464, 599 और 664 को राजस्व गांव पचलंगी में जोड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने इस निर्णय को अनुचित बताते हुए पुनर्विचार की मांग की।

ग्रामीणों का तर्क और स्थानीयता का आधार

ग्रामीण प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि संबंधित भूमि वर्षों से तेजाजी ढहर की सामाजिक, सांस्कृतिक और प्रशासनिक पहचान का हिस्सा रही है। उनका कहना है कि यदि इसे पचलंगी की सीमा में रखा गया तो ग्रामीणों को आवश्यक सेवाओं और पंचायत स्तर पर मिल होने वाले लाभों में दिक्कतें आएंगी। उन्होंने जिला प्रशासन से मांग की कि भू-भाग की सही पहचान कर इसे तेजाजी नगर पंचायत के क्षेत्र में ही शामिल किया जाए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान राकेश मीणा, मनोहर सिंह, पिंटू सैनी, आनंद, नागरमल सैनी, जितेंद्र बड़सरा, शीशराम, बंशीधर कुमावत, रामसिंह, राहुल और रामलाल सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा जताई और कहा कि जल्द समाधान न होने पर वे आंदोलनात्मक कदम उठाने पर विवश होंगे।

Related Articles