जसरापुर में ऊंट पर बैठकर मंगला पशु बीमा का प्रचार:पशु चिकित्सक ने टोले संग गांव-गांव बताई पंजीकरण प्रक्रिया, अधिकतम 10 ऊंटों का बीमा करवा सकेगा
जसरापुर में ऊंट पर बैठकर मंगला पशु बीमा का प्रचार:पशु चिकित्सक ने टोले संग गांव-गांव बताई पंजीकरण प्रक्रिया, अधिकतम 10 ऊंटों का बीमा करवा सकेगा
जनमानस शेखावाटी संवाददाता : विजेन्द्र शर्मा
खेतड़ी : खेतड़ी उपखंड के जसरापुर क्षेत्र में मंगला पशु बीमा योजना 2025-26 के तहत पंजीकरण कार्य पूरे जोर-शोर से जारी है। योजना के अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार के लिए पशुपालन विभाग नवाचार के साथ मैदान में उतर आया है। जसरापुर, खेतड़ी क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. योगेश आर्य ने ऊंटों के टोले के बीच पहुंचकर ऊंट पर बैठकर हाथ में बैनर लेकर मंगला पशु बीमा योजना का अनोखे ढंग से प्रचार किया, जिसने ग्रामीणों का ध्यान आकर्षित किया।
पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया समझाई
इस दौरान डॉ. योगेश आर्य ने ऊंटपालकों, भेड़पालकों और बकरीपालकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने उनके फोन में मंगला पशु बीमा योजना 2025-26 का मोबाइल ऐप डाउनलोड करवाकर पंजीकरण की पूरी प्रक्रिया समझाई। डॉ. आर्य ने पशुपालकों को बताया कि मोबाइल से स्वयं पंजीकरण करना आसान है और इससे समय पर बीमा का फायदा मिल सकता है। इस अवसर पर अल्का चौधरी, ममता योगी सहित पशुपालक मनरूप, गुलाब, गोवर्धन और जगराम मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना के पंजीकरण के साथ ही अब विशेष बीमा शिविरों का आयोजन भी शुरू हो गया है। ‘पहले आओ, पहले पाओ’ के आधार पर पशुपालक अपने एंड्रॉयड मोबाइल में ऐप के माध्यम से पंजीकरण कर रहे हैं। इसके बाद दिनांकवार कैलेंडर जारी कर ग्राम स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं।
42 लाख पशुओं को बीमा कवरेज मिलेगा
पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. योगेश आर्य ने बताया कि ग्राम पंचायत बाकोटी में आयोजित विशेष बीमा शिविर में अब तक 37 गाय-भैंस तथा भेड़-बकरियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने जानकारी दी कि इस बार बजट में बीमा योजना का दायरा पिछले साल की तुलना में दोगुना कर दिया गया है। प्रदेश में कुल 42 लाख पशुओं को बीमा कवरेज मिलेगा, जबकि पिछले बजट में यह संख्या 21 लाख थी।
10 ऊंटों का बीमा करवा सकेगा
वित्तीय वर्ष 2025-26 की बजट घोषणा में 10-10 लाख दुधारू गाय-भैंस, 10-10 लाख भेड़-बकरी तथा 2 लाख ऊंट वंशीय पशुओं के बीमा का प्रावधान किया गया है। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब एक पशुपालक अधिकतम 10 ऊंटों का बीमा करवा सकेगा, जबकि पहले यह सीमा एक ऊंट थी।
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