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दिव्यांग कलेक्ट्रेट पहुंचे,सीढ़ियां नहीं चढ़ सके तो कलेक्टर नीचे आए:सीकर के सारे डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट जांच की मांग, बोले- डॉक्टर्स से सांठ-गांठ करके प्रमाण पत्र ले रहे लोग


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दिव्यांग कलेक्ट्रेट पहुंचे,सीढ़ियां नहीं चढ़ सके तो कलेक्टर नीचे आए:सीकर के सारे डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट जांच की मांग, बोले- डॉक्टर्स से सांठ-गांठ करके प्रमाण पत्र ले रहे लोग

दिव्यांग कलेक्ट्रेट पहुंचे,सीढ़ियां नहीं चढ़ सके तो कलेक्टर नीचे आए:सीकर के सारे डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट जांच की मांग, बोले- डॉक्टर्स से सांठ-गांठ करके प्रमाण पत्र ले रहे लोग

सीकर : सीकर में कलेक्ट्रेट ऑफिस में कलेक्टर से मिलने पहुंचे 14 दिव्यांग रैम्प नहीं होने से परेशान हो गए। इसकी जानकारी कलेक्टर को हुई तो वे फर्स्ट फ्लोर से नीचे आए और दिव्यांगों से मिले। कलेक्ट्रेट ऑफिस में 14 दिव्यांग ट्राईसाइकल पर बैठकर बुधवार को मेडिकल सर्टिफिकेट की कमियों में सुधार की मांग के लिए पहुंचे थे।

फर्स्ट फ्लोर पर है कलेक्टर का ऑफिस, सीढ़ियों के कारण नहीं जा पाए दिव्यांग

कलेक्टर का चैंबर फर्स्ट फ्लोर पर है। ऐसे में दिव्यांग सीढ़ियां नहीं चढ़ पाए। इसकी जानकारी जिला कलेक्टर मुकुल शर्मा को हुई तो वे नीचे आए और दिव्यांगों से ज्ञापन लेकर समाधान का भरोसा दिलाया।

दिव्यांग डॉ. अब्बास खान ने बताया- सीकर जिले में बन रहे डिसएबल सर्टिफिकेट का मापदंड निर्धारित नहीं है। कुछ लोग डॉक्टर्स से सांठ-गांठ करके डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट ले लेते हैं। वहीं असली दिव्यांग मूल सुविधाओं से ही वंचित हैं। दिव्यांग सर्टिफिकेट में गड़बड़ियों के चलते सरकार भी योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए सही कैटेगरी तय नहीं कर पाती है। दोनों पैरों से चलने-फिरने में असमर्थ दिव्यांग को भी 80 प्रतिशत डिसएबिलिटी के सर्टिफिकेट जारी नहीं हाे रहे हैं। 80 प्रतिशत से कम का सर्टिफिकेट होने पर ट्राईसाइकल और पेंशन समेत सभी सरकारी सहायताएं नहीं मिलती हैं।

दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच की मांग

दिव्यांगों ने जिला कलेक्टर को सीकर जिले में बने सभी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच की मांग की। वहीं डिसएबिलिटी सर्टिफिकेट के लिए होने वाली 3 डॉक्टर्स के मेडिकल बोर्ड की एग्जामिनेशन को एक ही टेबल पर करवाने की मांग भी की। दिव्यांगों ने जिला कलेक्टर से कहा कि एक जैसी शारीरिक समस्या से पीड़ित दिव्यांगों के अलग-अलग कैटेगरी के डिसएबल सर्टिफिकेट बन रहे हैं, ये गलत है।

दिव्यांगों ने ज्ञापन देकर सीकर के एसके हॉस्पिटल से जारी हुए सभी दिव्यांग प्रमाण पत्रों की जांच करवाने तथा सभी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी करने के 3 डॉक्टर्स का स्थायी मेडिकल बोर्ड गठित करने की मांग की है।

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