[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सरदारशहर में किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी:रात में बिजली देने के फैसले से नाराज, दिन में आपूर्ति की मांग; मेगा हाईवे जाम करने की चेतावनी दी


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
चूरूटॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसरदारशहर

सरदारशहर में किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी:रात में बिजली देने के फैसले से नाराज, दिन में आपूर्ति की मांग; मेगा हाईवे जाम करने की चेतावनी दी

सरदारशहर में किसानों का धरना पांचवें दिन भी जारी:रात में बिजली देने के फैसले से नाराज, दिन में आपूर्ति की मांग; मेगा हाईवे जाम करने की चेतावनी दी

सरदारशहर : सरदारशहर के बिजरासर जीएसएस से जुड़े किसानों का विरोध प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। कृषि कुओं पर रात में बिजली आपूर्ति के फैसले के खिलाफ किसान पिछले पांच दिनों से धरने पर बैठे हैं। सोमवार को किसानों ने बिजली काटने से रोक दिया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।

रात में बिजली देने के फैसले से नाराज किसान

किसानों के अनुसार, पहले उन्हें शाम 4 बजे से रात 10 बजे तक बिजली मिलती थी। अब विभाग ने यह समय बदलकर रात 10 बजे से तड़के 3 बजे तक कर दिया है। किसानों ने इस बदलाव को अस्वीकार्य बताते हुए कहा कि कड़ाके की ठंड में रात के समय खेतों में सिंचाई करना संभव नहीं है।

धरने का नेतृत्व कर रहे कामरेड रामकिशन छिंपा और सांवरमल मेघवाल ने बताया कि सरकार लगातार 6 घंटे निर्बाध बिजली देने का दावा कर रही है लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग है। उन्होंने कहा, “सरकार 6 घंटे बिजली देने का दावा करती है, धरातल पर कुछ नहीं।”

मेगा हाईवे जाम करने की चेतावनी

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो किसान सरदारशहर मेगा हाईवे को जाम करने का निर्णय लेंगे। धरने पर बैठे किसानों ने क्षेत्र में यूरिया की भारी किल्लत का आरोप भी लगाया। उनका कहना है कि यूरिया संकट से भी किसान बेहाल हैं।

किसानों के अनुसार, यूरिया के लिए लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं, लेकिन इसकी आपूर्ति जमीनी स्तर पर नहीं पहुंच रही है। उनका आरोप है कि सरकार केवल कागजों में उपलब्धता दिखा रही है, जबकि वास्तविकता इसके विपरीत है।

किसानों ने बताया कि मौजूदा रबी सीजन में यूरिया की अत्यधिक आवश्यकता है लेकिन इसकी कमी से फसलें प्रभावित हो रही हैं। किसानों की मुख्य मांगों में कृषि कनेक्शनों पर दिन में 6 घंटे लगातार बिजली आपूर्ति, रात की शिफ्ट को तत्काल बंद करना, क्षेत्र में यूरिया की नियमित और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करना और किसानों के साथ संवाद कर स्थायी समाधान निकालना शामिल है।

इस धरने में बड़ी संख्या में किसान शामिल हो रहे हैं और आंदोलन के और तेज होने की संभावना है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों का समाधान नहीं होता है, तो आंदोलन को पूरे जिले में फैलाया जाएगा।

Related Articles