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ठड्डे वाले बालाजी मंदिर में श्रीराम कथा का भावपूर्ण मंचन, बालि वध व हनुमान मिलन के प्रसंग से गूंजा परिसर


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ठड्डे वाले बालाजी मंदिर में श्रीराम कथा का भावपूर्ण मंचन, बालि वध व हनुमान मिलन के प्रसंग से गूंजा परिसर

ठड्डे वाले बालाजी मंदिर में श्रीराम कथा का भावपूर्ण मंचन, बालि वध व हनुमान मिलन के प्रसंग से गूंजा परिसर

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक

मुकुंदगढ़ : श्री ठड्डे वाले बालाजी मंदिर परिसर में चल रही श्रीराम कथा के आठवें दिन भावपूर्ण मंचन ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कथा के दौरान प्रभु राम व हनुमान मिलन, शबरी प्रसंग, सुग्रीव–बालि युद्ध तथा लंका दहन जैसे महत्वपूर्ण प्रसंग जीवंत रूप में प्रस्तुत किए गए।

मंदिर पुजारी सुभाष शर्मा ने बताया कि संजीव झांकी में नमन को हनुमान, मक्खन योगी को शबरी, भूमिका जोशी को श्रीराम, भावना सुरोलिया को माता सीता और चंचल जोशी को लक्ष्मण की भूमिका में प्रस्तुत किया गया। सुंदरकांड के शुभारंभ पर मुकुंदगढ़ के प्रसिद्ध सुंदरकांड गायक स्व. अभिषेक सैनी के भाई अमित सैनी व गायकार आशीष गुर्जर को बाल हनुमान द्वारा दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मानित किया गया।

कथा के दौरान राम–लक्ष्मण के पंचवटी आगमन, शूर्पणखा प्रकरण, रावण द्वारा माता सीता हरण, हनुमान से प्रभु राम का मिलन, सुग्रीव–राम की मित्रता, बालि वध और हनुमान के लंका दहन जैसे प्रसंगों ने भक्तों को रामायण की भावभूमि में पहुंचा दिया।

संगीतमय सुंदरकांड वाचन के दौरान वातावरण भक्तिमय हो उठा। व्यासपीठ धर्मदास महाराज (अयोध्या) ने बताया कि सुंदरकांड के दर्शन व श्रवण से सभी कष्ट और दोष दूर होते हैं। शबरी प्रसंग सुनकर श्रोताओं की आंखें नम हो गईं, वहीं हनुमान भजनों पर भक्त झूमने लगे। अंत में पूरा परिसर ‘जय श्रीराम’ और ‘जय हनुमान’ के जयघोष से गूंज उठा। कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और दिव्य वातावरण में डूबते रहे।

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