AI से 92 मिलियन नौकरियां जाएंगी, अब स्किल्स डवलपमेंट जरूरी:शेखावाटी यूनिवर्सिटी में AI पर वर्कशॉप, ट्रेनर बोले- 1950 से मशीनों काे इंसान की तरह तैयार करने का काम चल रहा
AI से 92 मिलियन नौकरियां जाएंगी, अब स्किल्स डवलपमेंट जरूरी:शेखावाटी यूनिवर्सिटी में AI पर वर्कशॉप, ट्रेनर बोले- 1950 से मशीनों काे इंसान की तरह तैयार करने का काम चल रहा
सीकर : सीकर की पं. दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी यूनिवर्सिटी में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस(AI) के विषय पर एक दिवसीय वर्कशॉप हुई। वर्कशॉप में AI के फायदे, नुकसान और चुनौतियां पर चर्चा हुई। डिजिटल रीडलाइंस के ट्रेनर कैलाश चंद सैनी का जर्नलिज्म व मीडिया डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. महेश गुप्ता ने स्वागत किया। वर्कशॉप में मासकॉम, लॉ, बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन, मार्केटिंग स्टडी समेत यूनिवर्सिटी के विभिन्न डिपार्टमेंट के स्टूडेंट्स शामिल हुए।
ट्रेनर कैलाश चंद सैनी ने बताया कि AI तेजी से बढ़ रहा है। हमें AI से कंप्टीशन के बजाय AI से कॉर्डिनेट करते हुए अपने काम को आसान बनाना चाहिए। AI के जरिए क्रिएटविटी और इनिशिएटिव को कम समय में बैठे-बैठे बेहतर बनाया जा रहा है। AI के युग में हमें अपने स्किल्स बढ़ाने होंगे। क्योंकि AI के कारण अधिकांश इंसानी काम अब AI के जरिए किए जाएंगे। 2030 तक 39 प्रतिशत काम करने का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा।
ट्रेनर कैलाश चंद सैनी ने बताया AI का यूज बढ़ने से एक अनुमान के मुताबिक 92 मिलियन नौकरियां जाने की संभावना है, लेकिन AI के स्किल्स होल्डर्स के लिए 170 मिलियन नौकरियां बढ़ने की भी संभावना है। ऐसे में हमें अब AI को जीवन का हिस्सा बनाना होगा। AI नया नहीं है, 1950 से ही मशीनों को मनुष्यों की तरह काम करने के हिसाब से तैयार करने के प्रयास चल रहे हैं।
उन्होंने वर्कशॉप में बताया कि केंद्र सरकार ने देश के लोगों का AI से जागरूक करने के लिए 10 हजार 3 सौ करोड़ रूपए का इनवेस्टमेंट किया है। 200 ट्रेनर नियुक्त किए गए हैं, जो गूगल और एशियन डवलपमेंट बैंक के कॉर्डिनेशन लोगों को AI के बारे में समझा रहे हैं। अब डिग्री-डिप्लोमा का जमाना नहीं है, स्किल्स डवलपमेंट ही जरूरी है। अब मनुष्य और एआई साथ मिलकर आगे बढ़ पाएंगे।
ट्रेनर कैलाश चंद सैनी ने बताया कि 1950 से ही मशीनों से ह्यूमन नेचर की तरह काम लेने के प्रयास चल रहे हैं। 1956 में ब्रिटिश मैथेमैटिशियन एलन ट्यूरिन ने “can machines think?” के जवाब के लिए AI पर काम करना शुरु कर दिया है। लेकिन हमारे बिना AI कुछ नहीं है, क्योंकि AI गलतियां करता हैं और फेक कंटेंट भी बना देता है, इसलिए क्राॅस चैक करना जरुरी है।
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