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झुंझुनूं-सिंघाना : आईपीएस दीक्षा यादव का ग्रामीणों ने किया सम्मान:ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर किया सम्मानित, बेस्ट कैडेट का अवॉर्ड पाने वाली दूसरी महिला आईपीएस


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झुंझुनूं-सिंघाना : आईपीएस दीक्षा यादव का ग्रामीणों ने किया सम्मान:ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर किया सम्मानित, बेस्ट कैडेट का अवॉर्ड पाने वाली दूसरी महिला आईपीएस

आईपीएस दीक्षा यादव का ग्रामीणों ने किया सम्मान:ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटने पर किया सम्मानित, बेस्ट कैडेट का अवॉर्ड पाने वाली दूसरी महिला आईपीएस

झुंझुनूं-सिंघाना : केंद्रीय गृहमंत्री से बेस्ट कैडेट का अवॉर्ड पाने वाली आईपीएस दीक्षा यादव के अपने पैतृक गांव सिंघाना लौटने पर गुरुवार को ग्रामीणों की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। नारनौल सर्किल स्टैंड पर बैंड बाजे के साथ आईपीएस दीक्षा यादव को घर तक ले जाया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने दीक्षा यादव का साफा व फूल माला पहनाकर सम्मान किया।

सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि बुहाना प्रधान हरि कृष्ण यादव, विशिष्ट अतिथि सरपंच विजय कुमार पांडे, सीकर डीएसटी प्रभारी वीरेंद्र यादव, शकुंतला यादव थे, जबकि अध्यक्षता रामचन्द्र बोहरा ने की। आईपीएस दीक्षा यादव ने हैदराबाद में अपनी ट्रेनिंग पूरी की थी, जिस पर बेहतर प्रदर्शन करने पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की ओर से 74 आरआर की परेड मे बेस्ट कैडर का अवॉर्ड देकर सम्मानित किया गया था।

बेस्ट कैडेट का अवॉर्ड पाने वाली दूसरी आईपीएस महिला

दीक्षा यादव यह अवॉर्ड पाने वाली भारत की दूसरी आईपीएस महिला भी है। दीक्षा यादव ने पहले प्रयास में ही आईआईटी में दाखिला पाया था। इसके बाद यूपीएससी की परीक्षा में पहली बार उनको आईआरएस मिला तथा दूसरे प्रयास में आईपीएस में चयन हो गया।

बेटियों को शिक्षा के प्रति किया प्रेरित

दीक्षा यादव ने कहा कि आज के समय में बेटियां किसी भी क्षेत्र में कम नहीं है। वह अपने कौशल व दक्षता का परिचय देते हुए अपने माता-पिता व देश का गौरव बढ़ा रही हैं। वर्तमान समय में सेना व पुलिस में अधिकारी बनकर बेटियां कंधों से कंधा मिलाकर अपने फर्ज निभा रही हैं। ऐसे में समाज को अब अपनी धारणा को बदलना चाहिए तथा बेटा और बेटी के फर्क को बुलाकर सम्मानता का अधिकार देना चाहिए। पहले के समय में पुराने विचारों के आदमी होने के कारण बेटियों को पूर्ण रूप से आजादी नहीं मिल पाती थी, लेकिन अब बेटियां किसी भी क्षेत्र में पुरुषों से कमजोर नही है। बेटियों को पढ़ाई के लिए अधिक से अधिक प्रेरित कर उन्हें आगे बढ़ने का मौका देना चाहिए।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर सुबेसिंह यादव, रघुवीर, सुभाष, दलीप सिंह, मोहनलाल गुप्ता, कृष्ण कुमार यादव, संदीप यादव, कमलेश शर्मा, रमेश यादव, इंद्र नेहरा, राकेश यादव वीरेंद्र सिंह यादव, भूप सिंह चौधरी, उमेश कुमार गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता, अरविंद कुमार सहित अनेक ग्रामीण मौजूद थे।

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