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लोह पुरुष केशरदेव मिंतर की 47वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई


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लोह पुरुष केशरदेव मिंतर की 47वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई

गोपीनाथ मंदिर सभागार में हुआ श्रद्धांजलि कार्यक्रम, शिक्षाविद बीएल रणवा को मिला ‘मिंतर सम्मान’

जनमानस शेखावाटी संवाददाता :  रविन्द्र पारीक

नवलगढ़ : स्वतंत्रता सेनानी, सामाजिक न्याय के पुरोधा और ‘लोह पुरुष’ के नाम से विख्यात स्वर्गीय केशरदेव मिंतर की 47वीं पुण्यतिथि आज नवलगढ़ में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और युवाओं ने उनके योगदान को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

कार्यक्रम की शुरुआत मिंतर की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद गोपीनाथ मंदिर सभागार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में उपस्थितजनों ने पुष्पांजलि अर्पित कर मिंतर को स्मरण किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी कमलेश तेतरवाल, अध्यक्षता शिक्षाविद रामनिवास शास्त्री, विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी, ठाकुर आनंद सिंह, पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी दीपचंद पंवार, कैलाश चोटिया, गोवर्धन सिंह निठारवाल और श्रीकांत मुरारका सहित अन्य विशिष्टजन उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान स्व. मिंतर के जीवनवृत्त और देश व समाज के लिए किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने उनकी निर्भीकता, स्पष्टवादिता और सामाजिक न्याय के प्रति प्रतिबद्धता को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत बताया।

इस अवसर पर ‘मिंतर सम्मान’ से प्रख्यात शिक्षाविद बी.एल. रणवा को सम्मानित किया गया। मुरारीलाल इंदौरिया ने उनका अभिनंदन पत्र वाचन किया। यह सम्मान हर वर्ष समाज सेवा या शिक्षा के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाली विभूति को प्रदान किया जाता है।

मुख्य अतिथि कमलेश तेतरवाल ने कहा, “मिंतर के विचार और सिद्धांत आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं। वर्तमान पीढ़ी को उनके आदर्शों से मार्गदर्शन लेना चाहिए।”

पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने सुझाव दिया कि “स्व. मिंतर की जीवनी को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि युवा पीढ़ी उनके जीवन से सीख सके।”

कार्यक्रम में श्याम सिंह तंवर, एडवोकेट कुलदीप पारीक, श्यामसुंदर सैनी, रामोतार सबलानिया, भंवरलाल जांगिड़, सज्जन जोशी, धर्मेंद्र पारीक, अनिल पारीक, ओमप्रकाश सैन, पंकज शाह, अनिल बिरौलिया, कैलाश जांगिड़, योगेंद्र मिश्रा, छीतरमल नागौरा, सुनील मिश्रा, डी.पी. शर्मा, मोहित पूंजानी, तरुण मिंतर, आशुतोष शर्मा, राजकुमार पारीक (बंटी), जगदीश जांगिड़, लक्की डिडवानिया, लक्ष्मण जोया समेत नगर के अनेक गणमान्य, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, व्यापारीगण, शिक्षाविद एवं नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ अधिवक्ता ओमप्रकाश मिंतर, स्व. मिंतर के सुपुत्र, ने सभी का आभार व्यक्त किया।
संचालन गोविंदराम मिश्रा ने किया।

इस अवसर पर अहमदाबाद विमान दुर्घटना में हताहत हुए लोगों की याद में मौन श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम ने नवलगढ़ में एक बार फिर स्व. मिंतर की स्मृतियों को जीवंत कर दिया और उनके जीवन से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

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