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फतेहपुरिया जनाना अस्पताल में दो माह से सोनोलॉजिस्ट का पद खाली


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फतेहपुरिया जनाना अस्पताल में दो माह से सोनोलॉजिस्ट का पद खाली

रोज 40-50 गर्भवतियों को निजी केंद्रों पर करानी पड़ रही सोनोग्राफी, पार्किंग और सफाई व्यवस्था भी बदहाल

जनमानस शेखावाटी सवांददाता : गजराज शर्मा

सुजानगढ़ : फतेहपुरिया जनाना अस्पताल में पिछले दो महीने से सोनोलॉजिस्ट नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी के लिए निजी केंद्रों का सहारा लेना पड़ रहा है। इससे हर महीने हजारों महिलाओं पर लाखों रुपए का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन करीब 350 मरीजों की ओपीडी रहती है।

अस्पताल प्रभारी डॉ. बंशीधर ने बताया कि 1 अप्रैल से अस्पताल में सोनोलॉजिस्ट नहीं है। प्रतिदिन 40 से 50 गर्भवती महिलाओं को सोनोग्राफी की जांच लिखी जाती है, लेकिन सुविधा उपलब्ध नहीं होने से उन्हें बाहर जांच करानी पड़ रही है। राजकीय बगड़िया उप जिला अस्पताल के पीएमओ डॉ. पुरुषोत्तम करवा ने बताया कि सोनोलॉजिस्ट की नियुक्ति के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा गया है, लेकिन अब तक पद पर नियुक्ति नहीं हुई है।

मां वाउचर योजना का भी नहीं मिल रहा पूरा लाभ

अस्पताल में जागरूकता के अभाव में राजस्थान सरकार की मां वाउचर योजना का लाभ भी अधिकांश गर्भवती महिलाओं तक नहीं पहुंच पा रहा है। जिन अस्पतालों में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं होती, वहां प्रत्येक माह 9, 18 और 27 तारीख को मां वाउचर जारी किए जाते हैं, जिनके माध्यम से निजी केंद्रों पर निशुल्क सोनोग्राफी कराई जा सकती है।

पार्किंग अव्यवस्थित, पीछे गंदगी का अंबार

अस्पताल परिसर में पार्किंग व्यवस्था भी बदहाल है। वाहन इधर-उधर खड़े होने से मरीजों और परिजनों को आवागमन में परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि केवल एक सुरक्षा गार्ड होने के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। वहीं अस्पताल के पीछे की गली में कचरे और गंदगी का अंबार लगा है। प्रशासन के अनुसार आसपास की कॉलोनियों के लोग यहां कचरा डालते हैं, जिससे सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

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