[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

सीमा का सिपाही सड़क के गड्ढे से हार गया:बुहाना-पचेरी मार्ग पर हादसे में बीएसएफ जवान की मौत, दोनों बेटे घायल


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
झुंझुनूंटॉप न्यूज़बुहानाराजस्थानराज्य

सीमा का सिपाही सड़क के गड्ढे से हार गया:बुहाना-पचेरी मार्ग पर हादसे में बीएसएफ जवान की मौत, दोनों बेटे घायल

कब जागेगा विभाग? जर्जर सड़क ने ले ली एक और जान, ग्रामीण बोले- शिकायतों के बावजूद नहीं हुई मरम्मत

बुहाना : देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला एक जवान आखिरकार अपने ही क्षेत्र की बदहाल सड़क का शिकार बन गया। बुहाना-पचेरी मार्ग पर शिवसिंहपुरा मोड़ के पास हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बीएसएफ जवान विनोद कुमार (41) की मौत हो गई, जबकि उनके दोनों बेटे देव (18) और दक्ष (13) गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक के साथ-साथ पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रति गहरा आक्रोश भी देखने को मिल रहा है।

जानकारी के अनुसार जयसिंहपुरा निवासी विनोद कुमार अपने दोनों पुत्रों के साथ बाइक पर सवार होकर बुहाना की ओर जा रहे थे। इसी दौरान शिवसिंहपुरा मोड़ के पास उनकी बाइक सामने से आ रही एक ईको गाड़ी से टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। घायलों को बुहाना के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद झुंझुनूं रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान बीएसएफ जवान विनोद कुमार ने दम तोड़ दिया, जबकि उनके दोनों पुत्रों का इलाज जारी है।

प्रत्यक्षदर्शियों का दावा- सड़क के गड्ढे से बिगड़ा संतुलन

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने सड़क की बदहाली को दुर्घटना का प्रमुख कारण बताया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि सड़क पर बने गहरे गड्ढे से बाइक का संतुलन बिगड़ गया। इसी दौरान सामने से आ रही ईको गाड़ी से टक्कर हो गई।

बुहाना पचेरी रोड़ पर स्थित बहुत से गड्ढे यह भी कर रहें ओर बड़ा हादसा का इंतजार
मृतक जवान के मौत का कारण बना बुहाना पचेरी रोड़ पर स्थित गड्डा

ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क की समय पर मरम्मत कर दी जाती तो यह हादसा टाला जा सकता था। उनका आरोप है कि लंबे समय से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बने हुए हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कभी गंभीरता नहीं दिखाई।

शिकायतें होती रहीं, विभाग देता रहा आश्वासन

स्थानीय लोगों के अनुसार बुहाना-पचेरी मार्ग की खराब स्थिति को लेकर कई बार पीडब्ल्यूडी विभाग को शिकायतें दी गईं। जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने भी सड़क मरम्मत की मांग उठाई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।

ग्रामीणों का आरोप है कि किसी बड़े हादसे के बाद विभाग कुछ गड्ढों में मिट्टी या बजरी डालकर खानापूर्ति कर देता है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। परिणामस्वरूप आए दिन लोग हादसों का शिकार हो रहे हैं।

सीमाओं का रक्षक, सड़क की लापरवाही का शिकार

विनोद कुमार वर्ष 2006 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे और करीब दो दशक से देश सेवा में जुटे हुए थे। वर्तमान में उनकी तैनाती छत्तीसगढ़ में थी। कुछ दिन पहले ही वह छुट्टी लेकर अपने घर आए थे।

परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि जिसने वर्षों तक देश की सीमाओं की रक्षा की, वह अपने ही क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था के कारण जिंदगी हार गया। विनोद कुमार अपने पीछे पिता कर्ण सिंह, माता सावित्री देवी, पत्नी मनीषा और दो पुत्रों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनके निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

पहले भी कई हादसों का गवाह बन चुका है यह मार्ग

ग्रामीणों का कहना है कि बुहाना-पचेरी मार्ग पर यह पहला हादसा नहीं है। इससे पहले भी कई लोग सड़क की खराब हालत के कारण दुर्घटनाओं का शिकार हो चुके हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार भिर्र गांव के एक सैनिक की भी सड़क हादसे में जान जा चुकी है। वहीं बेरला निवासी एक मजदूर गंभीर रूप से घायल हुआ था, जिसे जयपुर रेफर करना पड़ा था। इसके अलावा छोटे-बड़े हादसे तो लगभग रोजाना होते हैं, लेकिन अधिकतर मामलों में मामूली चोट लगने के कारण वे चर्चा में नहीं आ पाते।

ग्रामीणों में आक्रोश, जिम्मेदारी तय करने की मांग

बीएसएफ जवान की मौत के बाद क्षेत्र के लोगों में भारी रोष है। ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने, पूरे मार्ग का पुनर्निर्माण करवाने तथा हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत हो जाती तो आज एक परिवार अपने बेटे, पति और पिता को नहीं खोता। अब क्षेत्र के लोगों के मन में एक ही सवाल है कि आखिर इन मौतों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

पुलिस जुटी जांच में

पुलिस ने दुर्घटना की जांच शुरू कर दी है। हादसे के वास्तविक कारणों की पड़ताल की जा रही है। वहीं क्षेत्र के लोग प्रशासन और पीडब्ल्यूडी विभाग की ओर उम्मीद भरी नजरों से देख रहे हैं कि इस हादसे के बाद कम से कम सड़क की बदहाली को गंभीरता से लिया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।

Related Articles