आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा:1 जुलाई से कार्य बहिष्कार, 7 जुलाई से हड़ताल; एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
आंगनबाड़ी कर्मियों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा:1 जुलाई से कार्य बहिष्कार, 7 जुलाई से हड़ताल; एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
खंडेला : आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू कर दिया है। अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के बैनर तले, खंडेला में एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा है। कर्मियों ने सरकार से शीघ्र मांगों का समाधान करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो 1 जुलाई से प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार जारी है और 7 जुलाई से आम हड़ताल व तालाबंदी शुरू कर दी जाएगी।
ज्ञापन में संघ ने बताया- सालों से आंगनबाड़ी कर्मियों की न्यायोचित मांगों पर सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है। हालांकि, हर बार केवल आश्वासन ही मिले हैं।
हाल ही में विभागीय अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में 10 से 15 दिनों के भीतर बकाया भुगतान और अन्य मांगों पर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। लेकिन, अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं होने से कर्मियों में नाराजगी है।
ज्ञापन में सरकार से आंगनबाड़ी कर्मियों को नियमित करने के लिए स्पष्ट नीति बनाने की मांग की गई है। इसके साथ ही, न्यूनतम 20 से 25 हजार रुपए मासिक मानदेय निर्धारित करने की भी अपील की गई है।
संघ ने मध्यप्रदेश की तर्ज पर मानदेय बढ़ाने, कई महीनों से लंबित मानदेय और अन्य बकाया राशि का तत्काल भुगतान करने की मांग की है। सेवानिवृत्त कर्मियों को ग्रेच्युटी, पेंशन और एकमुश्त आर्थिक सहायता देने की भी बात कही गई है।
इसके अलावा, भवन किराया, सामुदायिक गतिविधियों, सीबीई एवं प्रोत्साहन राशि सहित सभी बकाया भुगतान जारी करने की मांग की गई है। आंगनबाड़ी कर्मियों को गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्त करने की भी अपील की गई है।
संगठन ने महिला पर्यवेक्षकों के रिक्त पद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से भरने तथा सेवानिवृत्त कर्मियों के सामूहिक बीमा की राशि का भी शीघ्र भुगतान करने की मांग की है।
संगठन का कहना है कि आंगनबाड़ी कर्मी सालों से बेहद कम मानदेय में सरकार की विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही हैं, लेकिन उनकी आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा को लेकर अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनाई गई है। यदि सरकार ने समय रहते निर्णय नहीं लिया तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा तथा इससे आंगनबाड़ी सेवाओं पर पड़ने वाले प्रभाव की पूरी जिम्मेदारी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाएं मौजूद रहीं और सभी ने एक स्वर में सरकार से जल्द मांगों का समाधान करने की मांग उठाई।
देश
विदेश
प्रदेश
संपादकीय
वीडियो
आर्टिकल
व्यंजन
स्वास्थ्य
बॉलीवुड
G.K
खेल
बिजनेस
गैजेट्स
पर्यटन
राजनीति
मौसम
ऑटो-वर्ल्ड
करियर/शिक्षा
लाइफस्टाइल
धर्म/ज्योतिष
सरकारी योजना
फेक न्यूज एक्सपोज़
मनोरंजन
क्राइम
चुनाव
ट्रेंडिंग
Covid-19






Total views : 2242929


