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‘रक्षाबंधन पर घर गई तो भाई ने कहा इसे भगाओ’:राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर जिसे पासपोर्ट मिला, बोलीं- लोग किराए पर घर भी नहीं देते थे


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‘रक्षाबंधन पर घर गई तो भाई ने कहा इसे भगाओ’:राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर जिसे पासपोर्ट मिला, बोलीं- लोग किराए पर घर भी नहीं देते थे

'रक्षाबंधन पर घर गई तो भाई ने कहा इसे भगाओ':राजस्थान की पहली ट्रांसजेंडर जिसे पासपोर्ट मिला, बोलीं- लोग किराए पर घर भी नहीं देते थे

जयपुर : जयपुर की रोजी बारोलिया प्रदेश की पहली ट्रांसवुमन बन गईं हैं, जिनको पासपोर्ट इशू किया गया है। रोजी एक सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यकर्ता हैं। रोजी को पासपोर्ट का आवेदन करने में कई परेशानियों से दो-चार होना पड़ा था। शुरुआत में तो पासपोर्ट बनाने तक से इनकार कर दिया गया। फिर कई तरह के डॉक्यूमेंट का हवाला देकर पासपोर्ट की कार्रवाई रोक दी गई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। अब रोजी को ट्रांसजेंडर के रूप में उनकी पहचान के साथ पासपोर्ट मिल गया है।

पासपोर्ट पाने के बाद रोजी ने हमारे मीडिया कर्मी के साथ बातचीत में अपनी खुशी जाहिर करने के साथ ही जीवन के कुछ कड़वे अनुभवों को भी साझा किया। आप भी पढ़िए पूरा इंटरव्यू…

रोजी बारोलिया पासपोर्ट पाकर काफी खुश हैं। उनका कहना है ये एक सोच की लड़ाई है जो लंबा चलेगी।

सवाल-: आप राजस्थान की पहली पासपोर्ट पाने वाली ट्रांसवुमन बनी हैं। पासपोर्ट बनाने का ख्याल कैसे आया?
रोजी-: बहुत दिनों तक धक्के खाए, लेकिन पासपोर्ट बन ही गया। मेरे लिए पासपोर्ट बनवाना आसान नहीं था। आजकल टेक्नोलॉजी के जमाने में आम इंसान का पासपोर्ट 15 दिन के अंदर तैयार हो जाता है, लेकिन एक ट्रांसजेंडर होने के कारण मुझे लंबा संघर्ष करना पड़ा। करीब 5 महीने तक लगातार दौड़-भाग के बाद मुझे पासपोर्ट मिला।

पासपोर्ट बनाने का ख्याल मुझे इसलिए आया क्योंकि मेकअप आर्टिस्ट के तौर पर मुझे प्रोजेक्ट मिले थे। जब मुंबई पहुंची तो लोगों ने पूछा क्या कि आपके पास पासपोर्ट है? जैसे ही मैंने ना कहा तो सेलिब्रिटी के मेकअप का प्रोजेक्ट मेरे हाथ से निकल गया। आज हर आर्टिस्ट को शूटिंग लोकेशन पर मेकअप आर्टिस्ट चाहिए होते हैं और कई बार शूटिंग आउट ऑफ इंडिया भी होती है तो मुझे लगा कि पासपोर्ट का होना बहुत जरूरी है।

रोजी ने बताया- जिस दिन मैंने पासपोर्ट बनवाने के लिए अपना पहला कदम बढ़ाया, उसी दिन से मुझे कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। कई बार उनको साफ मना कर दिया गया कि आपका पासपोर्ट नहीं बन सकता। कभी कहा गया कि ट्रांसजेंडर का भी कभी पासपोर्ट बनता है क्या।

कभी कहा जाता कि मेडिकल सर्टिफिकेट है क्या? लेकिन मैंने हार नहीं मानी और आखिरकार 5 महीने के संघर्ष के बाद मुझे भारत का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज मिल गया है। मुझे लगता है कि हर ट्रांसजेंडर को लाइसेंस, पासपोर्ट और अन्य जरूरी दस्तावेज सही समय पर जरूर बनवाना चाहिए।

सवाल-: एक ट्रांसजेंडर के तौर पर सबसे बड़ी चुनौती क्या रही?
रोजी-: किसी भी ट्रांसजेंडर के जीवन में अनगिनत चुनौतियां रहती हैं। जीवन यापन के लिए संघर्ष करना पड़ता है। हमें कहीं पर काम नहीं मिलता है। रहने के लिए लोग किराए पर घर देने को तैयार नहीं होते हैं। सबसे बड़ी चुनौती तो ये है कि हम चाहें भी तो अपना घर नहीं बसा सकते। हमसे कोई शादी करना नही चाहता, हम बच्चे पैदा नहीं कर सकते हैं।

ट्रांसजेंडर समुदाय की एक मुश्किल यह भी है कि उनको ज्यादातर कागजात थर्ड जेंडर के रूप में बनवाने की जगह महिला या पुरुष श्रेणी में बनवाने पड़ते हैं। ऐसे में ट्रांसजेंडर के पास सही दस्तावेज नहीं होने की वजह से कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

रोजी बारोलिया एक सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट हैं। मेकअप के लिए 40 से 50 हजार रुपए तक चार्ज करती हैं। रोजी ब्राइड का भी मेकअप करती हैं।
रोजी बारोलिया एक सेलिब्रिटी मेकअप आर्टिस्ट हैं। मेकअप के लिए 40 से 50 हजार रुपए तक चार्ज करती हैं। रोजी ब्राइड का भी मेकअप करती हैं।

सवाल-: आपने अपना घर खरीदा है और खुद की अलग दुनिया बसाई है। इस बात से कितनी खुशी है?
रोजी-: जी हां, आज मैंने अपना खुद का आशियाना बना लिया है। एक समय था जब मुझे लोग किराए पर भी घर देने के तैयार नहीं होते थे। मैं काफी समय से परिवार से अलग जयपुर में रहती हूं। जब मैंने वैशाली नगर में खुद का फ्लैट खरीदा तो भी लोगों को परेशानी हुई। लोगों ने अड़चनें लगाई, कई बार मुझे बुरा भला बोला, लेकिन मैं डटी रही और आज खुद के घर में आत्म सम्मान के साथ रहती हूं। आज मैं अच्छी जिंदगी जी रही हूं। अपनी मेहनत की कमाई से मैंने कार और घर दोनों खरीदा है। मुझे इस बात के लिए खुद पर नाज भी है।

सवाल-: आपके घर परिवार में कौन-कौन है? परिवार की आपके प्रति क्या सोच रहती है?
रोजी-: मेरे परिवार में मां, दो भाई-भाभी और बहन हैं। मेरे पिता जी अब दुनिया में नहीं रहे। मेरा एक भाई वकील है तो दूसरा इंटीरियर डिज़ाइनर है। बात परिवार की है तो मां तो सबकी मां होती है। मेरे परिवार ने मुझे अपना भी रखा है और नहीं भी। इसका मतलब है कि वो मुझे स्वीकारते तो हैं, लेकिन अकेले में। समाज के डर ने उन्हें भी कहीं न कहीं मुझसे दूर कर रखा है।

मेरा परिवार कई बार मुझसे मिलता है, लेकिन जब बात घर जाने की होती है तो एक सलाह पहले ही दी जाती है कि बेटा आना तो लड़के के रूप में ही आना। उधर मां और भाभी मुझे अपने हाथों से साड़ी और सूट बनाकर गिफ्ट भी देती हैं। हालांकि उनका भी यही कहना है कि समाज के सामने मैं उनके लिए बेटा ही रहूं।

मुझे आज भी वो दिन याद है, जब मैं रक्षाबंधन पर अपने घर पहुंची तो उस वक्त मेरे पैरों में लेडीज चप्पल थी। मेरे भाई ने मुझे देखते ही कहा कि ये क्यों आया है, इसे यहां से भगाओ। भाई के मुंह से निकले ऐसे शब्दों से मेरी आंखें नम हो उठी। मेरा एक भाई और भाभी दोनों ही मुझसे बात करते हैं, लेकिन लोगों के सामने सभी मुझसे कतराते हैं। घर वालों के लिए मैं आज भी रोजी नहीं रणजीत ही हूं। वो मुझे रणजीत ही कह कर पुकारते हैं।

रोजी ने बताया- बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू चंद्रा किसी इवेंट के लिए जयपुर आईं तो मैंने उनका मेकअप किया। यहां से मेरी नई जर्नी की शुरुआत हुई।
रोजी ने बताया- बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू चंद्रा किसी इवेंट के लिए जयपुर आईं तो मैंने उनका मेकअप किया। यहां से मेरी नई जर्नी की शुरुआत हुई।

सवाल-: आपको कब लगा कि आप आम लड़कों से कुछ अलग हैं। आपने खुद को ट्रांसफॉर्म करने का कैसे सोचा?
रोजी-: जब तक मेरे पिता जी जीवित थे तब तक मैं परिवार में एक लड़के की तरह रहती थी। हालांकि मुझे छोटी उम्र से ही समझ ये बात समझ में आ चुकी थी कि मैंने एक लड़के का शरीर जरूर पाया है, लेकिन मेरे अंदर की आत्मा एक लड़की की है। मैं बचपन से ही डॉल से खेलना, सजना और संवरना पसंद करती थी। कुछ साल पहले मुझे एहसास हुआ कि जब मेरे अंदर का मन एक औरत का है तो मैं ढोंग भरा जीवन क्यों जिऊं?

सबसे पहले मैंने खुद को एक लड़की के रूप में एक्सेप्ट किया और अपने असली भाव को बाहर निकालना शुरू किया। जब मैं छोटी थी तब लोग मेरी चाल-ढाल को देखकर मजाक उड़ाया करते थे। मुझे कभी गे कहकर चिढ़ाते तो कभी हिजड़ा कहकर चिढ़ाते थे। मुझे काफी बुरा लगता था। फिर मैंने अपने आपको पूरी तरह से ट्रांसफॉर्म कर लिया। आज बाहरी तौर पर मैं पूरी तरह से एक औरत बन चुकी हूं। सरकार द्वारा मदद मिलने पर ऑपरेशन के जरिए मैं शारीरिक तौर पर भी बदल जाऊंगी।

सवाल-: आप मेकअप आर्टिस्ट कैसे बनीं? क्या शुरू से ही आप मेकअप आर्टिस्ट बनना चाहती थीं? आपने पढ़ाई कहां तक की है?
रोजी-: मैं पिछले 10 सालों से बतौर मेकअप आर्टिस्ट काम कर रही हूं। जब मैं एक लड़के की तरह जीवन जी रही थी, तब मैंने इस प्रोफेशन को चुना था। मेरे पिताजी मुझे डॉक्टर बनाना चाहते थे, लेकिन मुझे पढ़ाई में बहुत ज्यादा रुचि नहीं थी। मैं बचपन से फैशन डिज़ाइनर बनना चाहती थी। मैंने बीए फर्स्ट ईयर तक पढ़ाई की है। मेरे घर वालों ने मुझे होटल मैनेजमेंट करने के लिए कहा और जयपुर के एक संस्थान में मेरा एडमिशन भी कराया, लेकिन वहां के स्टूडेंट्स ने मुझे टिकने नहीं दिया। मुझे गंदी-गंदी बातें बोली गई।

लोगों ने मेरी खूब आलोचना की, मेरा खूब अपमान किया। इन सबसे मैं थकी जरूर, लेकिन टूटने के बजाय फिर खड़ी होने की कोशिश करती चली गई। मैंने फ्रीलांस मेकअप आर्टिस्ट का काम शुरू किया। बाद में मैंने मुंबई जाकर मेक अप की प्रोफेशनल ट्रेनिंग ली और फिर जयपुर में बॉलीवुड एक्ट्रेस नीतू चंद्रा किसी इवेंट के लिए आईं तो मैंने उनका मेकअप किया।

यहां से मेरी नई जर्नी की शुरुआत हुई और फिर मैंने पलट कर नहीं देखा। मैंने खुद का ट्रांसफॉर्मेशन किया और बॉलीवुड कलाकारों का मेकअप करना शुरू कर दिया। मैं रवि दुबे, सरगुन मेहता, निया शर्मा, जूही चावला, सोमी खान जैसे कई टीवी और फिल्म स्टार्स का मेकअप कर चुकी हूं।

रोजी ने बताया- मैं रवि दुबे, एक्ट्रेस सरगुन मेहता, निया शर्मा और जूही चावला जैसे कई टीवी एक्टर और फिल्म स्टार्स का मेकअप कर चुकी हूं।
रोजी ने बताया- मैं रवि दुबे, एक्ट्रेस सरगुन मेहता, निया शर्मा और जूही चावला जैसे कई टीवी एक्टर और फिल्म स्टार्स का मेकअप कर चुकी हूं।

सवाल-: आप लोगों को क्या मैसेज देना चाहेंगी? अपने समुदाय के लोगों को भी कुछ कहना चाहेंगी?
रोजी-: मैं समाज से कहना चाहती हूं कि आपका बच्चा कैसा भी हो, उसे स्वीकार करो। अगर माता-पिता अपने बच्चे को हर रूप में स्वीकार लें, तो बाहर उनको ठोकर नहीं लगेगी। बच्चा सिर्फ बच्चा होता है, ट्रांसजेंडर हो या फिर आम बच्चा। अगर ट्रांसजेंडर बच्चे का परिवार उसका सहारा बन जाए तो इज्जत की जिंदगी वो भी गुजार सकते हैं। किन्नर समुदाय आज शिक्षा से लेकर अन्य क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रहा है, ऐसे में उनको प्रोत्साहन देना चाहिए, ताकि वे देश के लिए नजीर बन सकें। मैं सभी ट्रांसजेंडर से ये कहना चाहूंगी कि अपने सभी जरूरी दस्तावेज जरूर बनवाएं। अगर मैं जीत सकती हूं तो आप सभी भी अपने लिए खड़ी हो सकती हैं।

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