[pj-news-ticker post_cat="breaking-news"]

CITU ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव:बोले- केंद्र सरकार की नीतियां हर वर्ग के खिलाफ, आंदोलन की चेतावनी दी


निष्पक्ष निर्भीक निरंतर
  • Download App from
  • google-playstore
  • apple-playstore
  • jm-qr-code
X
टॉप न्यूज़राजस्थानराज्यसीकर

CITU ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव:बोले- केंद्र सरकार की नीतियां हर वर्ग के खिलाफ, आंदोलन की चेतावनी दी

CITU ने किया कलेक्ट्रेट का घेराव:बोले- केंद्र सरकार की नीतियां हर वर्ग के खिलाफ, आंदोलन की चेतावनी दी

सीकर : भारतीय ट्रेड यूनियन (सीटू) सीकर की ओर से जिला कलेक्ट्रेट पर 21 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया गया। यूनियन ने जिला कलक्टर हो प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा और कलेक्ट्रेट के बाहर जमकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।

सीटू के जिला महामंत्री बृजसुन्दर जांगिड़ ने बताया कि देश व राजस्थान प्रदेश में मजदूरों पर भारी संकट है। रोजाना नए-नए कानून बनाने के कारण मजदूर वर्ग व आम जनता का शोषण हो रहा है और अत्याचार बढ़ गया है। वहीं आम मजदूर की नौकरी खतरे में है तथा आम नागरिक को अपना घर चलना मुश्किल हो गया है। देशभर के लोग आज केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध कर रहे हैं।

जांगिड़ ने बताया कि आमजन के हित में सीटू द्वारा 21 सूत्री मांगों को लेकर देश भर में धरने प्रदर्शन किए जा रहे हैं और ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर समय रहते केंद्र सरकार ने मांगे नहीं मानी तो सीटू एवं संयुक्त ट्रेड यूनियन द्वारा 16 फरवरी 2024 को औद्योगिक हड़ताल की जाएगी तथा संयुक्त किसान मोर्चे द्वारा पूरे भारत में ग्रामीण बंद किया जाएगा।

इन मांगों को लेकर कर रहे प्रदर्शन

  • हिट-एंड-रन बिल को वापस लिया जाए।
  • राजस्थान में चिरंजीवी योजना को लागू रखकर 25 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज जारी रखा जाए।
  • राजस्थान सरकार पूर्व कांग्रेस सरकार द्वारा जनहित में चलाई गई योजनाओं को बिना बंद किए जनहित में जारी रखे।
  • सभी श्रमिकों को 26 हजार मजदूरी व 10 हजार मासिक पेंशन का भुगतान दिया जाए और ठेका प्रथा बंद की जाए।
  • अग्निवीर योजना को बंद किया जाए।
  • केंद्र सरकार गरीब, मध्य किसान और खेतिहर मजदूरों का संपूर्ण कर्जा माफ करे और 60 साल से ऊपर सभी को पेंशन भुगतान करें।
  • श्रम कानून को समाप्त कर बनाए गए चार लेबर कानूनों को वापस लिया जाए।
  • केंद्र सरकार भारत में सभी को काम की गारंटी एवं कार्य सुरक्षा तथा मनरेगा में कार्य दिवस बढ़कर 200 दिन करें एवं प्रतिदिन मजदूरी 600 रुपए की जाए जाने सहित अनेक मांगों का ज्ञापन सौंपा।

Related Articles

Mantratoto luwakpoker aladin66 tupaiwin