लोहिया महाविद्यालय में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर कार्यशाला, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
लोहिया महाविद्यालय में रोजगारपरक पाठ्यक्रमों पर कार्यशाला, 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया भाग
जनमानस शेखावाटी सवांददाता : मोहम्मद अली पठान
चूरू : राजकीय लोहिया महाविद्यालय में शनिवार को विद्यार्थियों को नवाचार, आधुनिक तकनीक और रोजगारपरक कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से प्राइम इंटर्नशिप कार्यक्रम तथा वाधवानी फाउंडेशन के ‘जॉब रेडी विद एआई’ ऑनलाइन पाठ्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें 100 से अधिक विद्यार्थियों ने भाग लिया। विद्यार्थियों को दोनों कार्यक्रमों की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और भविष्य में मिलने वाले अवसरों की जानकारी दी गई।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. मंजू शर्मा ने कहा कि तेजी से बदलते तकनीकी दौर में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ नए कौशल और व्यावहारिक अनुभव भी हासिल करने होंगे। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल और कौशल आधारित पाठ्यक्रम रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर पाने में सहायक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से इन योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
मौलिक विचारों से इंटर्नशिप का अवसर
महाविद्यालय के नोडल अधिकारी डॉ. एमएम शेख ने प्राइम इंटर्नशिप कार्यक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि विद्यार्थियों को अपने मौलिक विचार पर लगभग 250 शब्दों का अवधारणा पत्र तैयार करना होगा। इसमें विचार की नवीनता, उपयोगिता, समस्या के समाधान की संभावना और सामाजिक प्रासंगिकता स्पष्ट करनी होगी। आवेदन की अंतिम तिथि 30 अक्टूबर 2026 है। चयनित विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में एक से दो माह तक इंटर्नशिप का अवसर मिल सकता है। कार्यक्रम के प्रावधानों के अनुसार इंटर्नशिप से संबंधित निर्धारित खर्च सरकार वहन करेगी।
उन्होंने विद्यार्थियों को जल संरक्षण, पर्यावरण, कृषि, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय आजीविका से जुड़ी समस्याओं पर मौलिक एवं उपयोगी विचार तैयार करने के लिए प्रेरित किया।

तीन माह के पाठ्यक्रम से सीखेंगे रोजगार के कौशल
सह-नोडल अधिकारी डॉ. शांतनु डाबी ने बताया कि वाधवानी फाउंडेशन के ‘जॉब रेडी विद एआई’ ऑनलाइन पाठ्यक्रम की अवधि लगभग तीन माह है। इसमें रोजगार के लिए आवश्यक करियर नियोजन, साक्षात्कार की तैयारी, प्रभावी संवाद, लेखन कौशल, व्यावसायिक संचार और कार्यस्थल पर व्यवहार संबंधी दक्षताओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि डिग्री के साथ आत्मविश्वास, समस्या समाधान और डिजिटल दक्षता भी रोजगार पाने में महत्वपूर्ण हैं।
कार्यशाला में बताया गया कि दोनों कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए निशुल्क हैं। सह-नोडल अधिकारी प्रोफेसर शालिनी हेमकार ने आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों से 25 अक्टूबर को महाविद्यालय में उपस्थित होकर प्राइम इंटर्नशिप के लिए अवधारणा पत्र तैयार करने और आवेदन प्रक्रिया संबंधी मार्गदर्शन लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर रूपा शेखावत, प्रोफेसर ट्विंकल शर्मा, डॉ. हेमंत मंगल, डॉ. बिपिन मांडर, डॉ. अंजू ओझा, डॉ. संजू झाझड़िया, डॉ. रेनू घेतरवाल, डॉ. शमशाद अली, डॉ. राजबाला, वंदना कुमारी, मोनिका शेखावत, रीनू कुमारी, भावना चौधरी, अबरार खान, सुरेश जिंगल, अभिषेक जिंगल, सीताराम, रुपाली सैनी और विकास राहड़ सहित अन्य संकाय सदस्य उपस्थित रहे।
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